सारंडा जंगल में IED ब्लास्ट की चपेट में आई दंतैल मादा हाथी, हालत गंभीर — रेस्क्यू ऑपरेशन में सुरक्षा चुनौती

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Chakradharpur : झारखंड के सारंडा जंगल में एक बार फिर नक्सलियों द्वारा बिछाए गए IED (लैंडमाइन) का शिकार एक बेजुबान वन्यजीव हुआ है। मंगलवार सुबह एक दंतैल मादा हाथी उस वक्त गंभीर रूप से घायल हो गई, जब वह अनजाने में विस्फोटक क्षेत्र से गुजर रही थी। धमाका इतना तेज था कि हाथी के आगे के दाहिने पैर में गहरा जख्म हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही झारखंड वन विभाग की टीम मनोहरपुर वन प्रक्षेत्र से मौके के लिए रवाना हुई, लेकिन राहत कार्य आसान नहीं है। जिस इलाके में हाथी घायल अवस्था में है, वह पूरी तरह IED प्रभावित जोन माना जाता है, जिससे टीम को हर कदम फूंक-फूंककर रखना पड़ रहा है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घायल हाथी को पास के एक नाले के आसपास लगातार घूमते हुए देखा गया है, जिससे उसके दर्द और असहजता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

कोयना वन क्षेत्र के डीएफओ अभिरूप सिन्हा ने बताया कि सुरक्षा जोखिम को देखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद सतर्कता के साथ प्लान किया जा रहा है। विशेषज्ञों की टीम को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि हाथी को सुरक्षित इलाज मिल सके।

वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सारंडा क्षेत्र में यह चौथी घटना है जब IED विस्फोट में हाथी प्रभावित हुए हैं। इससे पहले तीन मादा हाथियों की मौत हो चुकी है, जो इस क्षेत्र में वन्यजीवों के लिए बढ़ते खतरे को उजागर करता है।

प्रारंभिक जांच में साफ हुआ है कि यह इलाका सुरक्षा बलों की नियमित आवाजाही वाला है, जहां नक्सली अक्सर लैंडमाइन बिछाते हैं। ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि इन विस्फोटकों से सिर्फ जवान ही नहीं, बल्कि वन्यजीव भी लगातार शिकार बन रहे हैं।

फिलहाल, वन विभाग घायल हाथी की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए है और जल्द से जल्द सुरक्षित रेस्क्यू कर इलाज शुरू करने की तैयारी में जुटा है।

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