सरायकेला में पीएलवी हेतु क्षमता निर्माण प्रशिक्षण, प्रधान जिला जज बोले—अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाना प्राथमिकता

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Seraikela : सरायकेला में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में सोमवार को लोक अदालत भवन में पैरा लीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी) के लिए एक दिवसीय क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डीएलएसए अध्यक्ष रामाशंकर सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति और कमजोर वर्गों तक सुलभ न्याय पहुंचाने में पीएलवी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्य के लिए कानूनों की समुचित जानकारी होना आवश्यक है। यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा तैयार हैंडबुक के आधार पर आयोजित किया गया, जिससे पीएलवी अपनी कार्यक्षमता को और बेहतर बना सकें।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न महत्वपूर्ण कानूनों की विस्तृत जानकारी दी गई, जिनमें भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, मोटर वाहन अधिनियम, वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार, साइबर अपराध एवं डिजिटल अपराध, तथा दिव्यांगजन अधिकार जैसे विषय शामिल रहे।

प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय बिरेश कुमार ने भी अपने संबोधन में पीएलवी की भूमिका को समाज सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए उन्हें पूरी निष्ठा के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-1 बी.के. पांडेय, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-2 दीपक मलिक, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी लूसी सोसेन तिग्गा, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी आशीष अग्रवाल तथा डीएलएसए सचिव तौसीफ मेराज सहित कई न्यायिक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान पीएलवी तारामणी बांडिया को बाल विवाह रोकथाम में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रशंसा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।




कैप्शन (फोटो-SKL-2):
क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित न्यायिक पदाधिकारी एवं पैरा लीगल वॉलंटियर्स।

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