Adiryapur : उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में कौशल विकास एवं आजीविका संवर्धन से संबंधित समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित कौशल विकास कार्यक्रमों, प्रशिक्षण केंद्रों, श्रमिक पंजीकरण, प्लेसमेंट, रोजगार एवं स्वरोजगार से जुड़े कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने कहा कि कौशल विकास का उद्देश्य केवल युवाओं को प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें उनकी योग्यता और उपलब्ध रोजगार अवसरों के अनुरूप रोजगार अथवा स्वरोजगार से जोड़ना है। उन्होंने लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया।
बैठक में जिले के औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र के संस्थानों में उपलब्ध रिक्तियों के अनुरूप ट्रेडवार प्रशिक्षण की कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। लाइव पोर्टल पर उपलब्ध रिक्तियों की नियमित निगरानी करते हुए संबंधित ट्रेड में प्रशिक्षित स्थानीय युवाओं के प्लेसमेंट की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
13 प्रशिक्षण केंद्रों के संचालन की हुई समीक्षा
उपायुक्त ने जिले में संचालित 13 प्रशिक्षण केंद्रों तथा प्रखंड स्तर के 9 प्रशिक्षण केंद्रों की समीक्षा की। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता और नियमितता सुनिश्चित करने के साथ प्रशिक्षण पूरा कर चुके अभ्यर्थियों की ट्रैकिंग एवं प्लेसमेंट पर विशेष ध्यान देने को कहा।
काशी साहू कॉलेज, सरायकेला में प्रस्तावित स्किल पार्क के संचालन को लेकर भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने हॉस्टल, आईटी लैब, कक्षा-कक्ष एवं सुरक्षा व्यवस्था सहित आवश्यक तैयारियां जल्द पूरी करने का निर्देश दिया।
राजनगर एवं खरसावां प्रखंड में सिलाई मशीन प्रशिक्षण जल्द शुरू करने तथा प्रशिक्षण के बाद अभ्यर्थियों को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में कार्रवाई करने को कहा गया।
PNB RSETI प्रशिक्षित युवाओं का होगा फॉलोअप
PNB RSETI के तहत प्रशिक्षण प्राप्त लेकिन रोजगार अथवा स्वरोजगार से नहीं जुड़ पाए अभ्यर्थियों को चिह्नित कर उनसे संपर्क, काउंसलिंग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। इच्छुक अभ्यर्थियों का बैंक लिंकेज सुनिश्चित करने को भी कहा गया, ताकि वे वित्तीय सहायता प्राप्त कर स्वरोजगार शुरू कर सकें।
स्कूलों में होगी करियर काउंसलिंग
नियोजन कार्यालय की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने जिला शिक्षा पदाधिकारी के साथ समन्वय कर जिले के विद्यालयों में कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए करियर एवं रोजगार संबंधी काउंसलिंग आयोजित कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप नियमित रोजगार मेलों के आयोजन और स्थानीय भाषा में व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक योग्य युवा रोजगार के अवसरों से जुड़ सकें।
उपायुक्त ने कहा कि कौशलयुक्त मानव संसाधन जिले के समग्र एवं सतत विकास की आधारशिला है। सभी विभागों एवं प्रशिक्षण संस्थानों को समन्वय के साथ काम करते हुए प्रशिक्षण से लेकर प्लेसमेंट और स्वरोजगार तक की पूरी प्रक्रिया को परिणामोन्मुखी बनाना होगा।
बैठक में श्रम अधीक्षक अविनाश कुमार ठाकुर, जिला नियोजन पदाधिकारी, डीपीएम-जेएसएलपीएस, संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

















