Jamshedpur : जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने आरोप लगाया कि कुछ तत्व लोकतंत्र का लबादा ओढ़कर, वामपंथी विचारधारा के संपर्क में रहकर और विदेशों से चंदा प्राप्त कर देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि ऐसी गतिविधियों का उद्देश्य सरकार और संवैधानिक संस्थाओं को जनता की नजर में अविश्वसनीय बनाना है। उनके अनुसार, ऐसी कोशिशें केवल सरकार या प्रधानमंत्री के लिए नहीं, बल्कि देश की एकता, स्थिरता और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए भी खतरा हैं।
गुरुवार को एनडीए की ओर से नेताजी सुभाष चंद्र बोस मैदान से जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति कार्यालय तक निकाली गई ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए सरयू राय ने ये बातें कहीं।
विरोध का अधिकार है, लेकिन उसकी मर्यादा भी जरूरी : सरयू राय
सरयू राय ने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में सरकार की नीतियों का विरोध करना प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल का अधिकार है, लेकिन विरोध की भी एक मर्यादा होती है। लोकतांत्रिक अधिकारों के नाम पर संवैधानिक व्यवस्था को चुनौती देना और अराजकता फैलाना स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने विपक्षी गठबंधन की गतिविधियों पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव 2029 में होने हैं, लेकिन विपक्ष की गतिविधियां ऐसी प्रतीत होती हैं, मानो चुनाव अभी सामने हो। उन्होंने दावा किया कि कुछ तत्व प्रधानमंत्री को बीच में बदलने और उसके बाद चुनाव जीतकर सत्ता में आने की कल्पना कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देश की बहुलतावादी प्रकृति को उसकी ताकत बनाने के बजाय राजनीतिक कमजोरी के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश की जा रही है।
मतदाता सूची और समान नागरिक संहिता पर भी रखी बात
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का उल्लेख करते हुए सरयू राय ने कहा कि मतदाता सूची में केवल उन्हीं लोगों के नाम होने चाहिए, जो मतदान के संवैधानिक अधिकार के पात्र हैं। उन्होंने समान नागरिक संहिता की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ गतिविधियों के जरिए भारत में नेपाल और बांग्लादेश जैसी परिस्थितियां पैदा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार का इस्तेमाल संवेदनशील संवैधानिक संस्थाओं तक पहुंचकर व्यवस्था को चुनौती देने के लिए नहीं होना चाहिए।
गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पहले भी विदेशी शक्तियों के हस्तक्षेप को लेकर राजनीतिक बयान दिए जाते रहे हैं।
सरयू राय ने कहा कि सरकार ने अब कठोर कदम उठाने शुरू कर दिए हैं और देश की जनता को ऐसी गतिविधियों के पीछे की मंशा समझनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एनडीए का संकल्प देश को अराजकता के बजाय लोकतंत्र, संवैधानिक व्यवस्था और स्थिरता के रास्ते पर आगे बढ़ाना है।
कई वरिष्ठ नेताओं ने सभा को किया संबोधित
सभा में केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, सांसद विद्युत वरण महतो, धनबाद के विधायक राज सिन्हा, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिनेशानंद गोस्वामी, जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू, भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा, जदयू जिलाध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव और भाजपा प्रवक्ता अभय सिंह सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर संजय ठाकुर, अंजली सिंह, अजय कुमार, दुर्गा राव, शेषनाथ पाठक, भास्कर मुखी, प्रवीण सिंह, नीरज सिंह, अमित शर्मा, ऊषा यादव, विवेक पांडे, मनोज सिंह, विनोद सिंह, जितेंद्र सिंह, नीलरंजन श्रीवास्तव, राजेश कुमार, हरविंदर सिंह, सुजीत झा, दीपक गौड़, प्रकाश कोया, राजेश प्रसाद, प्रेम सक्सेना, विकास साहनी, तारक मुखर्जी, शंकर कर्मकार, शमशाद खान, इंद्रजीत सिंह, ममता सिंह, रीना दास और शिरीन अख्तर समेत बड़ी संख्या में एनडीए एवं जदयू कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

















