Potka: पोटका विधानसभा क्षेत्र में वर्षों से लंबित सड़क निर्माण योजनाओं को लेकर विधायक संजीव सरदार ने सख्त रुख अपनाया है। जमशेदपुर परिसदन में ग्रामीण कार्य विभाग के अधिकारियों के साथ हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में विधायक ने लंबित योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की और कार्य में लापरवाही बरतने वाले संवेदकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में कई ऐसी सड़क योजनाएं सामने आईं, जिनका टेंडर होने के बावजूद लंबे समय से निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। इस पर विधायक ने अधिकारियों से सवाल किया कि जब योजनाओं का टेंडर वर्षों पहले हो चुका है तो धरातल पर काम क्यों नहीं शुरू हुआ। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनता के विकास से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नोटिस के बाद भी काम नहीं, संवेदक पर कार्रवाई
अधिकारियों ने बताया कि सिरहा कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपर्स प्रा. लि. को मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना के तहत पोटका प्रखंड की सरमदा-सानग्राम, सादेडीह-पोरा, समाईडीह-खापरसाई और रोलाडीह-खापरसाई सड़कों के सुदृढ़ीकरण का काम 7 अगस्त 2025 को आवंटित किया गया था।
निर्धारित समय में काम शुरू नहीं होने पर विभाग ने 6 जनवरी और 20 जनवरी 2026 को नोटिस जारी किए। इसके बावजूद कार्य शुरू नहीं किया गया और संतोषजनक जवाब भी नहीं मिला। इसके बाद विभाग ने कंपनी को डिबार करने की अनुशंसा की है।
इसी कंपनी को करीब 11.14 करोड़ रुपये की लागत वाली हरिणा-बुनूडीह, एल-113 से पोरा, एल-89 से पोरसा, पिछली-बाधडीह, रादुर-कोपे, पूटूडोनी-सिदिरसाई तथा एचजे रोड से बेदेजुरा सड़क सुदृढ़ीकरण योजना का कार्य भी दिया गया था। समीक्षा में सामने आया कि कई सड़कों पर केवल प्रारंभिक कार्य हुआ है, जबकि कई हिस्सों में निर्माण अब तक शुरू ही नहीं हुआ।
विभाग की ओर से कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर इस मामले में भी संवेदक के खिलाफ डिबार की कार्रवाई की अनुशंसा की जा रही है।
16.52 करोड़ की योजनाएं भी अधर में
बैठक में 16.52 करोड़ रुपये की लागत वाली विशेष मरम्मत योजनाओं की भी समीक्षा की गई। इनमें हाता-जादूगोड़ा-भुजुडीह, दबंकी-गोबरागोड़ा-मानपुर, कुलडीहा-राखा माइंस रेलवे स्टेशन तथा शाहजोरी-सोनापास सड़कें शामिल हैं।
इन योजनाओं का काम भी सिरहा कंस्ट्रक्शन को दिया गया था। अधिकारियों के अनुसार, कुलडीहा मुख्य पथ से राखा माइंस रेलवे स्टेशन तक केवल चौड़ीकरण का कार्य किया गया, जबकि अन्य योजनाओं में अपेक्षित निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। कई नोटिस के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं होने पर विभाग ने कंपनी को डिबार करने की अनुशंसा की है।
वहीं, रेलवे स्टेशन-बाहरदोरी-चेंगरा तथा कुदादा-छोटा तलसा सड़क सुदृढ़ीकरण का काम मिथिला एचआर कंस्ट्रक्शन एंड डेवलपर्स प्रा. लि. को दिया गया था। 11 मार्च, 11 अप्रैल और 5 मई 2026 को नोटिस जारी होने के बावजूद काम शुरू नहीं होने पर इस कंपनी को भी डिबार करने की अनुशंसा की गई है।
‘विकसित पोटका’ के लिए लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
विधायक संजीव सरदार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन संवेदकों ने निर्धारित समय में कार्य शुरू नहीं किया है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। लंबित योजनाओं का री-टेंडर कराकर निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने पर भी उन्होंने जोर दिया।
उन्होंने कहा कि सड़कें ग्रामीण विकास की रीढ़ हैं और बेहतर सड़क नेटवर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा बाजार तक ग्रामीणों की पहुंच आसान होती है। जनता के विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
तीन नई सड़कों को जल्द मिलेगी सौगात
बैठक में क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक खबर भी सामने आई। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पोटका विधानसभा क्षेत्र में तीन महत्वपूर्ण सड़कों का निर्माण जल्द शुरू कराया जाएगा। इसके लिए शीघ्र भूमिपूजन प्रस्तावित है।
गंभीरकोचा से जोजोगोड़ा: 3.3 किमी, लागत करीब 3.29 करोड़ रुपये
हल्दीपोखर चौक से मुस्लिम बस्ती होते हुए हेंसल सीमा तक: 2.1 किमी, लागत करीब 1.22 करोड़ रुपये
हेंसलामदा पंचायत के दीगरसाईं से पोडसागोड़ा: 1.85 किमी, लागत करीब 1.68 करोड़ रुपये
विधायक ने कहा कि ‘विकसित पोटका’ उनका संकल्प है। पिछले छह वर्षों में सड़क विकास के क्षेत्र में तेजी से काम हुआ है और आगे भी सड़क, बिजली, शिक्षा एवं स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
बैठक में कार्यपालक अभियंता नीरज कुमार मिश्र, सहायक अभियंता अमरजीत कुमार सिंह, पोटका के कनीय अभियंता विकास कुमार केशरी, जमशेदपुर सदर के कनीय अभियंता इंदु शेखर दुबे, बहरागोड़ा के कनीय अभियंता राजा हेम्ब्रम तथा घाटशिला के सहायक अभियंता रितेश कुमार सिंह सहित विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
















