Potka : पोटका विधायक संजीव सरदार ने मंगलवार सुबह प्रखंड सह अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। सुबह करीब 10:10 बजे प्रखंड मुख्यालय पहुंचने पर अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित मिले। इससे नाराज विधायक कार्यालय के भीतर जाने के बजाय मुख्य द्वार पर ही कुर्सी लगाकर बैठ गए और अधिकारियों-कर्मचारियों के पहुंचने का इंतजार करने लगे।
करीब 10:25 बजे अंचलाधिकारी निकिता बाला कार्यालय पहुंचीं और विधायक से अंदर बैठने का अनुरोध किया, लेकिन विधायक ने इनकार कर दिया। वह करीब 11:30 बजे तक मुख्य द्वार पर बैठे रहे और कार्यालय पहुंचने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समय पर नजर रखी।

देर से पहुंचे कर्मचारियों को फटकार, माला पहनाकर किया व्यंग्यात्मक स्वागत
निरीक्षण के दौरान प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी मनीषा कुमारी, श्रम पदाधिकारी धीरज कुमार, मनरेगा बीपीओ गुरुचरण महतो, क्लर्क अब्दुल रहमान, कार्तिक दास और लेडी सुपरवाइजर समेत कई कर्मचारी देर से कार्यालय पहुंचे। विधायक ने लेटलतीफ अधिकारियों-कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए समय पर कार्यालय पहुंचने की हिदायत दी।
वहीं, देर से पहुंचे कुछ पुरुष अधिकारियों-कर्मचारियों को विधायक ने माला पहनाकर व्यंग्यात्मक अंदाज में उनका ‘स्वागत’ किया। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में समय की पाबंदी अनिवार्य है। आम लोगों को अपने जरूरी काम कराने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों का घंटों इंतजार नहीं करना चाहिए।

एसआईआर के काम में देरी की शिकायत पर पहुंचे विधायक
विधायक संजीव सरदार ने बताया कि वर्तमान में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का कार्य चल रहा है। पोटका क्षेत्र में 20 हजार से अधिक मतदाता विसंगति सूची में हैं। ऐसे में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने दस्तावेजों में सुधार कराने के लिए प्रखंड मुख्यालय पहुंच रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि एसआईआर से संबंधित कार्य धीमी गति से हो रहा है, जिससे ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इन्हीं शिकायतों के आधार पर उन्होंने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई अधिकारी और कर्मचारी निर्धारित समय पर कार्यालय में उपस्थित नहीं मिले।

‘कार्यशैली सुधारें, नहीं तो कार्रवाई के लिए रहें तैयार’
विधायक ने कहा कि दूर-दराज के गांवों से लोग अपने जरूरी काम छोड़कर सुबह प्रखंड कार्यालय पहुंचते हैं। ऐसे में अधिकारियों और कर्मचारियों के समय पर मौजूद नहीं रहने से आम लोगों को बेवजह घंटों इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने इसे अस्वीकार्य बताते हुए अधिकारियों-कर्मचारियों को अपनी कार्यशैली सुधारने की चेतावनी दी।
संजीव सरदार ने बताया कि देर से कार्यालय पहुंचने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों की शिकायत वरीय अधिकारियों से की गई है। साथ ही संबंधित कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी कार्यालय जनता की सेवा के लिए हैं। इसलिए सभी अधिकारी-कर्मचारी समय पर कार्यालय पहुंचें और आम जनता से जुड़े कार्यों का निष्पादन प्राथमिकता के आधार पर करें। जनता के काम में लापरवाही बरतने वालों को अपनी कार्यशैली में सुधार करना होगा, अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


















