Jamshedpur : मानगो गुरुद्वारा रोड निवासी उमेश कुमार रवानी के नवजात बेटे की सोमवार को कथित रूप से बीसीजी टीका लगने के बाद मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने एमजीएम अस्पताल पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, 9 मई को एमजीएम अस्पताल में उमेश रवानी की पत्नी ने सामान्य प्रसव के जरिए बेटे को जन्म दिया था। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ थे, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने अगले दिन छुट्टी दे दी। छुट्टी के दौरान चिकित्सकों ने परिजनों को सोमवार को बच्चे को बीसीजी टीका लगवाने के लिए अस्पताल लाने की सलाह दी थी।
डॉक्टरों के निर्देशानुसार सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे उमेश रवानी अपनी पत्नी और नवजात को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां बच्चे को बीसीजी का टीका लगाया गया। आरोप है कि टीका लगने के तुरंत बाद बच्चा सुस्त पड़ गया। परिजनों ने इसे सामान्य प्रतिक्रिया समझते हुए बच्चे को घर ले गए, लेकिन कुछ ही देर बाद नवजात के हाथ-पैर नीले पड़ने लगे।
घबराए परिजन तत्काल बच्चे को लेकर दोबारा एमजीएम अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया। यह सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और अस्पताल परिसर में मातम का माहौल बन गया।
घटना की जानकारी मिलने पर भाजपा के पूर्व नेता विकास सिंह अस्पताल पहुंचे और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि चिकित्सकीय लापरवाही हुई है तो संबंधित डॉक्टर और नर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
परिजनों ने मामले की लिखित शिकायत संबंधित थाने में दर्ज कराई है। वहीं विकास सिंह ने कहा कि जल्द ही पीड़ित परिवार के साथ झारखंड के स्वास्थ्य सचिव एवं पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त से मिलकर निष्पक्ष जांच की मांग की जाएगी।











