POTKA 1 OCTOBER : शिक्षा विभाग, पूर्वी सिंहभूम, पिरामल फाउंडेशन एवं पंचायती राज विभाग के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को पीएम श्री कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, पोटका में मॉडल युवा ग्राम सभा का आयोजन किया गया। कक्षा नौवीं से बारहवीं तक की छात्राओं ने नाटक के माध्यम से ग्राम सभा की कार्यप्रणाली, महत्व और विभिन्न गतिविधियों का जीवंत प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पोटका विधायक संजीव सरदार ने किया। छात्राओं की प्रस्तुति देखने के बाद उन्होंने उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास की सराहना की। उन्होंने कहा कि छात्राओं ने प्रभावी ढंग से ग्राम सभा की पूरी प्रक्रिया को प्रस्तुत किया, जो सराहनीय है।
विधायक ने कहा कि विद्यालय की छात्राओं में प्रतिभा की कमी नहीं है। पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियों में भी छात्राओं को प्रोत्साहित करने में विद्यालय की वार्डन और शिक्षिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
ग्राम सभा के प्रति जागरूक होने की अपील
संजीव सरदार ने छात्राओं से कहा कि ग्राम सभा गांव और समाज की महत्वपूर्ण व्यवस्था है। नाटक के माध्यम से उन्होंने जो जानकारी हासिल की है, उसे अपने घर और गांव तक पहुंचाएं और लोगों को ग्राम सभा के महत्व तथा उसमें भागीदारी के प्रति जागरूक करें।
उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में ग्राम सभा की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसलिए छात्राओं को ग्राम सभा की प्रक्रिया को समझने के साथ अपने गांव के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करना चाहिए।
लक्ष्य तय कर आगे बढ़ें
विधायक ने छात्राओं का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि जीवन में सफलता के लिए प्रतिभा के साथ स्पष्ट लक्ष्य और निरंतर मेहनत जरूरी है। छात्राएं अपनी छिपी प्रतिभा को पहचानें, उसे लगातार निखारें और जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ें। उन्होंने छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
नेतृत्व क्षमता विकसित करना उद्देश्य : वार्डन
विद्यालय की वार्डन रुमा हालदार ने कहा कि मॉडल युवा ग्राम सभा का उद्देश्य छात्राओं में नेतृत्व क्षमता, लोकतांत्रिक भागीदारी और ग्राम स्तर के विकास से जुड़े मुद्दों पर संवाद की क्षमता विकसित करना है। ऐसे आयोजनों से छात्राओं को पंचायती राज व्यवस्था की व्यावहारिक जानकारी मिलने के साथ लोकतांत्रिक निर्णय प्रक्रिया को समझने का अवसर मिलता है।
उन्होंने कहा कि मॉडल युवा ग्राम सभा के माध्यम से छात्राएं सामुदायिक समस्याओं की पहचान, उन पर चर्चा और समाधान की प्रक्रिया को भी समझती हैं। इससे उनमें जिम्मेदारी, नेतृत्व और सामाजिक भागीदारी की भावना विकसित होती है।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम का संचालन शिक्षक डोबो चाकिया ने किया। मौके पर मुखिया सावित्री हांसदा, ग्राम प्रधान सुरजीत सरदार, पर्यवेक्षक जयश्री बोयपाई, अक्षत रिशु, शंकर हेंब्रम, रामचंद्र मार्डी, वार्डन रुमा हालदार, शिक्षिका ज्योति सागर, वीणा धनवार, मोहन सोरेन सहित विद्यालय की छात्राएं मौजूद थीं।















