चांडिल डैम का गेट अचानक खोलने से मानगो क्षेत्र में आई बाढ़, कई मोहल्ले जलमग्न – लोगों ने मुआवज़े की मांग की

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Jamshedpur : बीते दिनों चांडिल डैम का फाटक बिना पूर्व सूचना रातों-रात खोले जाने के कारण जमशेदपुर के मानगो क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। नतीजतन, इमाम नगर, रामनगर, संजीवनी पथ, हनुमंत नगर और श्याम नगर समेत कई निचले इलाकों में नदी का पानी तेजी से घुस गया, जिससे सैकड़ों घर जलमग्न हो गए और लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।स्थानीय लोगों के अनुसार, मौसम विभाग द्वारा पहले से ही भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई थी। इसके बावजूद, प्रशासन और संबंधित जल संसाधन विभाग ने सुरक्षा के पर्याप्त उपाय नहीं किए। इससे नाराज़ लोगों ने आरोप लगाया कि डैम का गेट बिना किसी सूचना या चेतावनी के खोल दिया गया, जिससे अचानक पानी का स्तर बढ़ गया और लोग संभल भी नहीं पाए।

कीमती सामान और ज़िंदगी भर की पूंजी तबाह

बाढ़ के कारण लोगों के घरों में रखा कीमती सामान, जरूरी दस्तावेज, राशन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह से बर्बाद हो गए। प्रभावित निवासियों ने बताया कि कई परिवारों को रात के समय घर छोड़कर भागना पड़ा और किसी तरह जान बचाई। महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।थानीय निवासी लक्ष्मण प्रसाद, रेहाना खातून, और संजीव कुमार जैसे कई लोगों ने बताया कि उन्हें अपनी जिंदगी की पूरी कमाई गंवानी पड़ी। जलभराव के चलते कई घरों में अब तक बदबू और गंदगी फैली हुई है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ गए हैं।

पहले ही सौंपा गया था ज्ञापन, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई

स्थानीय नागरिकों ने बताया कि 20 जून को उप नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा गया था, जिसमें श्याम नगर में बने अस्थायी बांध और संभावित बाढ़ की स्थिति को लेकर चिंता जताई गई थी। इसके बावजूद प्रशासन ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे इस त्रासदी को टालने का मौका गंवा दिया गया।

राष्ट्रीय जनता दल ने उठाई आवाज़, मुआवज़े की मांग

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के ओबीसी मोर्चा के जिला अध्यक्ष रमेश शाह ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर हालात का जायज़ा लिया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने सरकार से मांग की कि:

  • सभी प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता और राहत राशि दी जाए
  • क्षति का आकलन कर उचित मुआवजा तय किया जाए
  • भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए अलर्ट सिस्टम और स्थायी जल निकासी योजना बनाई जाए
  • प्रशासनिक लापरवाही की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए

रमेश शाह ने कहा, इस त्रासदी में जिन लोगों की जिंदगी और सामान तबाह हो गए हैं, उनकी भरपाई केवल सरकार की मदद से ही संभव है। प्रशासन की अनदेखी ने सैकड़ों परिवारों को सड़क पर ला खड़ा किया है।

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