दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण मिलना झारखंड के लिए गौरव का क्षण : मंगल कालिंदी

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Jamshedpur : जुगसलाई विधानसभा क्षेत्र के विधायक मंगल कालिंदी ने झारखंड आंदोलन के महानायक और आदिवासी समाज के हक-अधिकारों के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत ‘पद्म भूषण’ सम्मान मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे झारखंड के लिए गौरव का क्षण बताया है।

विधायक मंगल कालिंदी ने कहा कि देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘पद्म भूषण’ से सम्मानित किया जाना शिबू सोरेन के लंबे संघर्ष, जनसेवा और सामाजिक न्याय के प्रति उनके समर्पण की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल गुरुजी के व्यक्तिगत योगदान का सम्मान नहीं, बल्कि पूरे झारखंड, आदिवासी समाज और उनके अधिकारों के लिए हुए ऐतिहासिक संघर्ष का सम्मान है।

उन्होंने कहा कि स्वर्गीय शिबू सोरेन ने अपना पूरा जीवन वंचित, शोषित और आदिवासी समुदाय के अधिकारों की लड़ाई लड़ने में समर्पित कर दिया। अलग झारखंड राज्य की मांग को जन आंदोलन का स्वरूप देने और उसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में उनकी भूमिका अविस्मरणीय रही है। उनके संघर्ष, त्याग और दूरदर्शी नेतृत्व के कारण ही झारखंड राज्य गठन का सपना साकार हो सका।

मंगल कालिंदी ने कहा कि राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया गया यह सम्मान गुरुजी के सामाजिक, राजनीतिक और जनकल्याणकारी योगदान की ऐतिहासिक मान्यता है। उन्होंने बताया कि यह सम्मान उनकी धर्मपत्नी रूपी सोरेन ने ग्रहण किया, जबकि इस अवसर पर विधायक कल्पना सोरेन भी उपस्थित थीं।

उन्होंने कहा कि आज का दिन झारखंड के प्रत्येक नागरिक के लिए गर्व और सम्मान का दिन है। दिशोम गुरु शिबू सोरेन भले ही हमारे बीच शारीरिक रूप से नहीं हैं, लेकिन उनके विचार, संघर्ष और आदर्श हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे।

विधायक ने कहा कि गुरुजी के सिद्धांत और मार्गदर्शन आज भी जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी गुरुजी के आदर्शों का अनुसरण करते हुए जुगसलाई विधानसभा क्षेत्र की जनता की सेवा कर रहे हैं और भविष्य में भी उनके दिखाए मार्ग पर चलकर जनहित के कार्य करते रहेंगे।

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