कुचाई हत्याकांड का खुलासा: डायन-बिसाही के शक में महिला की हत्या, छह आरोपी गिरफ्तार

Share करें

✓ Link copy हो गया!

सरायकेला-खरसावां, कुचाई:
कुचाई थाना क्षेत्र में घटित महिला हत्या कांड में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। घटना में शामिल सभी आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। मंगलवार को पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले की जानकारी दी।

घटना का विवरण

घटना कुछ दिन पहले मोंगरो मुंडा नामक महिला की गला रेतकर की गई नृशंस हत्या से जुड़ी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर एसडीपीओ समीर कुमार सेवइयां के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया गया।तकनीकी सहायता और खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस ने कई स्थानों पर छापेमारी कर डोली मुंडा (देवरानी), सोयना मुंडा (ससुर), सुखलाल मुंडा (फुफेरा देवर), साहेब हेम्ब्रम, रायमर मुंडा और गुरुदेव मुंडा को गिरफ्तार किया।

हत्या की पृष्ठभूमि: अंधविश्वास और सौदेबाजी

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मृतका की देवरानी डोली मुंडा और ससुर सोयना मुंडा को शक था कि मोंगरो मुंडा डायन-बिसाही करती है। इसी अंधविश्वास के चलते उन्होंने सुखलाल मुंडा से संपर्क किया, जिसने आगे साहेब हेम्ब्रम, रायमर मुंडा और गुरुदेव मुंडासे दो लाख रुपये में हत्या की सुपारी तय की।आरोपियों ने योजना के तहत महिला को अकेला पाकर गला रेतकर उसकी निर्मम हत्या कर दी। इस जघन्य अपराध को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए थे।

बरामदगी और सबूत

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से:

  • ₹1.25 लाख नकद
  • हत्या में प्रयुक्त चाकू
  • एक मोटरसाइकिल
  • मोबाइल फोन
    बरामद किया है, जो अपराध में उपयोग किए गए थे।

पुलिस की तत्परता और सफलता

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अंधविश्वास के कारण हुई इस हत्या की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की गई और कुछ ही दिनों में पूरे हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार सभी अपराधियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।


अंधविश्वास बन रहा जानलेवा, जरूरत है सामाजिक जागरूकता की

यह घटना झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी डायन-बिसाही जैसे अंधविश्वास के गहरे असर को उजागर करती है, जिसके चलते निर्दोष लोगों की जान ली जाती है। प्रशासनिक सख्ती के साथ-साथ समाज में जागरूकता अभियान और शिक्षा की भी नितांत आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसे दिल दहला देने वाले अपराधों की पुनरावृत्ति न हो।

The specified slider id does not exist.

और पढ़ें