स्कूली बच्चों की लेखन प्रतिभा निखारने निकला परिषद, राजनगर के विद्यालयों में शुरू किया संपर्क अभियान

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Jadugoda : स्कूली बच्चों में साहित्यिक लेखन प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और उनकी सृजनात्मक क्षमता को विकसित करने के उद्देश्य से झारखंड साहित्य संस्कृति परिषद ने अपना विशेष संपर्क अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में सोमवार को परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों का दौरा कर शिक्षकों और प्राचार्यों से मुलाकात की।

परिषद के अध्यक्ष भवतारन मंडल, ‘झारखंड प्रभा’ के संपादक सुनील कुमार दे तथा परिषद के सक्रिय सदस्य स्वपन कुमार मंडल ने इस अभियान में भाग लिया। प्रतिनिधिमंडल ने सरस्वती शिशु मंदिर हैंसल, इटापुकुर उच्च विद्यालय, जेएनबी सिजुलता, इदल उच्च विद्यालय तथा छोटानागपुर कॉलेज हैंसल का भ्रमण किया।

इस दौरान विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों से अनुरोध किया गया कि वे अपने-अपने विद्यालयों में विद्यार्थियों के बीच स्वरचित कविता, स्वरचित कहानी एवं लेख प्रतियोगिता का आयोजन कराएं। परिषद की ओर से संबंधित सूचना पत्र एवं साहित्यिक पत्रिका ‘झारखंड प्रभा’ की प्रतियां भी विद्यालयों को भेंट की गईं।

परिषद ने विद्यालयों से 15 जुलाई 2026 तक प्रतियोगिताएं आयोजित कर परिणाम घोषित करने तथा प्रत्येक विधा में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों की रचनाओं सहित नाम 17 जुलाई तक परिषद को भेजने का आग्रह किया है। उत्कृष्ट रचनाओं का चयन कर उन्हें ‘झारखंड प्रभा’ में प्रकाशित किया जाएगा।

परिषद की ओर से बताया गया कि विद्यालय स्तर पर चयनित प्रतिभागियों के लिए 2 अगस्त 2026 को सुबह 9 बजे हाता स्थित माताजी आश्रम में अंतिम प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इस प्रतियोगिता का विषय अलग होगा और इसमें चयनित विद्यार्थी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

सभी सफल प्रतिभागियों को 11 अक्टूबर 2026 को आयोजित झारखंड साहित्य संस्कृति परिषद के वार्षिक उत्सव में सम्मानित एवं पुरस्कृत किया जाएगा। परिषद का मानना है कि शिक्षा केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर छिपी बहुमुखी प्रतिभाओं को विकसित करना भी इसका महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने परिषद की इस पहल की सराहना करते हुए इसे विद्यार्थियों में साहित्यिक अभिरुचि और रचनात्मक सोच विकसित करने की दिशा में सराहनीय कदम बताया तथा हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

Leave a Comment

The specified slider id does not exist.