Jamshedpur: अपराध नियंत्रण को अधिक प्रभावी बनाने और पुलिस गश्ती व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से जमशेदपुर पुलिस ने सोमवार से क्यूआर कोड आधारित डिजिटल बीट पुलिसिंग प्रणाली लागू कर दी। इस नई व्यवस्था का शुभारंभ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने साकची स्थित कंट्रोल एंड कमांड रूम (सीसीआर) में किया।
शुभारंभ के दौरान एसएसपी ने पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को तकनीक आधारित गश्ती व्यवस्था को पूरी गंभीरता से लागू करने तथा जनसुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से पुलिसिंग को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सकेगा।

नई प्रणाली के तहत पूरे जिले को 102 शहरी और 104 ग्रामीण बीट, यानी कुल 206 बीट में विभाजित किया गया है। प्रत्येक बीट के लिए एक-एक बीट पदाधिकारी की नियुक्ति की गई है। पिछले पांच वर्षों के अपराध के आंकड़ों का विश्लेषण कर संवेदनशील एवं अपराध संभावित क्षेत्रों की पहचान की गई, जहां क्यूआर कोड लगाए गए हैं।
नई व्यवस्था के अनुसार पीसीआर, टैंगो और थाना गश्ती दलों को प्रत्येक ड्यूटी शिफ्ट के दौरान कम से कम दो बार संबंधित क्यूआर कोड स्कैन करना अनिवार्य होगा। स्कैनिंग के साथ ही गश्ती का समय और स्थान डिजिटल रूप से दर्ज हो जाएगा, जिससे वरिष्ठ अधिकारी कंट्रोल एंड कमांड रूम से रियल-टाइम मॉनिटरिंग कर सकेंगे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तकनीक से गश्ती व्यवस्था की प्रभावशीलता बढ़ेगी, संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित पुलिस उपस्थिति सुनिश्चित होगी और अपराध की रोकथाम में मदद मिलेगी। साथ ही पुलिस की जवाबदेही बढ़ने के साथ आम जनता का विश्वास भी मजबूत होगा।
जमशेदपुर पुलिस की यह पहल राज्य में स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे आधुनिक तकनीक के माध्यम से कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी।















