Jamshedpur : जमशेदपुर में एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। जिले की प्रमुख नदियां स्वर्णरेखा और खरकई उफान पर हैं। खरकई नदी आदित्यपुर पुल के पास खतरे के निशान से 2.07 मीटर ऊपर बह रही है, जबकि स्वर्णरेखा भी खतरे के निशान से महज 16 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गई है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से बागबेड़ा, शास्त्री नगर और जुगसलाई समेत कई निचले इलाकों में पानी घुसने लगा है।
चांडिल कॉम्प्लेक्स के मुख्य अभियंता कार्यालय स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष की मंगलवार सुबह 6 बजे की रिपोर्ट के अनुसार, आदित्यपुर पुल के पास खरकई नदी का जलस्तर 131.070 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 129 मीटर है। इस तरह खरकई नदी खतरे के निशान से 2.07 मीटर ऊपर बह रही है। रिपोर्ट के मुताबिक नदी के जलस्तर में अभी बढ़ोतरी का रुझान बना हुआ है।
वहीं, मानगो पुल के पास स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर 121.340 मीटर दर्ज किया गया है। यहां खतरे का निशान 121.50 मीटर है। यानी स्वर्णरेखा खतरे के निशान से महज 16 सेंटीमीटर नीचे है। बारिश और लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण नदी के आसपास के निचले इलाकों में खतरा और बढ़ने की आशंका है।
नदियों के बढ़ते जलस्तर का असर अब नदी किनारे बसे इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है। बागबेड़ा, शास्त्री नगर और जुगसलाई समेत कई निचले क्षेत्रों में घरों और बस्तियों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने की सूचना है। पानी बढ़ने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है और निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चिंता सताने लगी है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार, मंगलवार सुबह क्षेत्र में करीब 10 मिलीमीटर बारिश भी दर्ज की गई। प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें दोनों नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रख रही हैं।
अधिकारियों के अनुसार, मानगो पुल पर स्वर्णरेखा और आदित्यपुर पुल पर खरकई नदी के जलस्तर के आंकड़े केंद्रीय जल आयोग (CWC) के गेज स्टेशन से लिए गए हैं।
फिलहाल प्रशासन की ओर से नदी के जलस्तर और निचले इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जलस्तर में और बढ़ोतरी होने की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव संबंधी कदम उठाए जाने की संभावना है।
खरकई के खतरे के निशान से काफी ऊपर बहने और स्वर्णरेखा के खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंचने से जमशेदपुर के नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।

















