Jagriti Maidan Controversy आदित्यपुर में फिर सुलगा ‘जागृति मैदान’ विवाद: 25 करोड़ के हाईटेक निगम भवन पर सवाल खेल के मैदान बचाने की उठी मांग पूर्व वार्ड पार्षद सुधीर सिंह बोले “मैदान खत्म होंगे तो बच्चों का भविष्य भी सिमट जाएगा”

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आदित्यपुर, संवाददाता:Ranveer Mourya
आदित्यपुर नगर निगम द्वारा प्रस्तावित 25 करोड़ की लागत से बनने वाले नए हाईटेक भवन को लेकर एक बार फिर जागृति मैदान विवादों के केंद्र में आ गया है। जहां एक ओर नगर निगम इसे आधुनिक सुविधा और प्रशासनिक मजबूती की दिशा में बड़ा कदम बता रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों में इस फैसले को लेकर गहरी नाराजगी देखी जा रही है।
पूर्व वार्ड पार्षद सुधीर सिंह ने इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शहर में पहले ही खेल के मैदान तेजी से खत्म होते जा रहे हैं। “अगर बचे-खुचे मैदानों पर भी निर्माण कर दिया जाएगा, तो बच्चों के पास खेलने के लिए क्या बचेगा? खेल का मैदान सिर्फ जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी का भविष्य होता है,” उन्होंने कहा।
पहले भी हो चुका है विरोध, फिर क्यों वही जगह?
जागृति मैदान में निगम भवन बनाने का प्रस्ताव नया नहीं है। इससे पहले भी यह योजना सामने आई थी, लेकिन स्थानीय लोगों के भारी विरोध के चलते इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। अब दोबारा उसी स्थान को चुनना कई सवाल खड़े कर रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि आदित्यपुर-1 और आदित्यपुर-2 की अधिकांश हाउसिंग कॉलोनियों में खुले मैदान या तो अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुके हैं या फिर वहां पार्किंग और निर्माण हो चुका है। ऐसे में जो कुछ मैदान बचे हैं, उन पर भी निर्माण की योजना लोगों के लिए चिंता का विषय बन गई है।
बच्चों, बुजुर्गों और सामाजिक आयोजनों पर असर
जागृति मैदान न सिर्फ बच्चों के खेलकूद का केंद्र है, बल्कि यहां स्थानीय लोग सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित करते हैं। सुबह-शाम बुजुर्गों की सैर और युवाओं की गतिविधियों से यह मैदान जीवंत रहता है।
अगर यहां भवन बनता है, तो:
बच्चों के खेलने की जगह खत्म हो जाएगी
सामाजिक कार्यक्रमों के लिए सार्वजनिक स्थल नहीं बचेगा
बुजुर्गों और महिलाओं के लिए खुला स्थान कम हो जाएगा
लोकेशन पर भी उठे सवाल
प्रस्तावित भवन की लोकेशन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जागृति मैदान टाटा-कांड्रा मेन रोड से काफी अंदर स्थित है, जिससे गम्हरिया, भाटिया बस्ती, सालडीह, हरिओम नगर, मांझी टोला, दिंदली बस्ती, एस-टाइप, कल्पनापुरी और आदित्यपुर बस्ती के लोगों को आने-जाने में दिक्कत हो सकती है।
लोगों का मानना है कि निगम भवन जैसी महत्वपूर्ण सुविधा को मुख्य सड़क के पास बनाया जाना चाहिए, ताकि आम जनता को आसानी हो।
प्रशासन से पुनर्विचार की मांग
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने नगर निगम प्रशासन से अपील की है कि वह इस फैसले पर पुनर्विचार करे और जागृति मैदान को संरक्षित रखते हुए किसी वैकल्पिक स्थान, खासकर टाटा-कांड्रा मेन रोड के आसपास, भवन निर्माण की योजना बनाए।

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