Jamshedpur : सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल के निर्देशानुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पटमदा में “प्रोजेक्ट स्वाभिमान” के तहत फाइलेरिया (हाथीपांव) से प्रभावित मरीजों के लिए एक दिवसीय दिव्यांगता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य फाइलेरिया पीड़ितों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराकर उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं से जोड़ना था।
शिविर का उद्घाटन जिला वीबीडी पदाधिकारी डॉ. मृत्युंजय धावड़िया, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. तापस कुमार मुर्मू तथा प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजीव कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। शिविर में बड़ी संख्या में लाभुक पहुंचे, जहां कुल 121 लोगों का दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाया गया।

इस अवसर पर जिला वीबीडी पदाधिकारी डॉ. मृत्युंजय धावड़िया ने फाइलेरिया से बचाव के उपायों की जानकारी देते हुए कहा कि डीईसी और अल्बेंडाजोल की निर्धारित खुराक लेने तथा नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करने से इस बीमारी से बचाव संभव है। उन्होंने बताया कि सिविल सर्जन कार्यालय, खासमहल में प्रत्येक माह की 5 और 25 तारीख को दिव्यांगता शिविर आयोजित किया जाता है, जबकि प्रत्येक माह की 30 तारीख को रेलवे कंसेशन प्रमाण पत्र बनाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
उन्होंने कहा कि दिव्यांगता प्रमाण पत्र मिलने से लाभुकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों और अन्य सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने में सहूलियत होगी। शिविर में आए लोगों ने प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बताते हुए प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।
शिविर के सफल संचालन में डॉ. मृत्युंजय धावड़िया, डॉ. तापस कुमार मुर्मू, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजीव कुमार सिंह, पिरामल फाउंडेशन के प्रोग्राम लीडर शशि भूषण प्रसाद, रूपाली कुमारी, प्रफुल्ल, एमपीडब्ल्यू रविंदर दास, जन्मेजय महतो, उत्तम कुमार मल्लिक तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटमदा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
शिविर के अंत में लाभुकों ने उपायुक्त, सिविल सर्जन, जिला मलेरिया पदाधिकारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं पिरामल फाउंडेशन की टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस पहल को फाइलेरिया प्रभावित लोगों के लिए बेहद उपयोगी बताया।








