पाकिस्तान को सबक सिखाना जरूरी : सतनाम सिंह गंभीर

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जमशेदपुर : पहलगाम में हथियारबंद आतंकियों द्वारा निर्दोष नागरिकों की गोलीबारी में हुई २६ लोगों की बर्बर हत्या की घटना की कड़ी निंदा करते हुए ऑल इंडिया सिख स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएसएफ) के पूर्वी भारत अध्यक्ष सतनाम सिंह गंभीर ने कहा कि यह मानवता को शर्मसार करने वाली एक दर्दनाक घटना है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। गंभीर ने बताया कि इस घटना में जो निर्दोष लोग शहीद हुए, वे सिर्फ जम्मू-कश्मीर ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के परिवारों का अमूल्य हिस्सा थे। उन्होंने कहा, “दहशतगर्दी की इस बर्बरतापूर्ण घटना ने हमारी संप्रभुता और नागरिक सुरक्षा प्रणाली दोनों को चुनौती दी है। दोषियों को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए।”



एआईएसएसएफ के वरिष्ठ पदाधिकारी सुखविंदर सिंह सब्बी, दिलबाग सिंह इंदर सहित अन्य नेताओं ने भी पीड़ित परिवारों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की । उन्होंने कहा कि सरकार एवं सुरक्षा एजेंसियों को दोषियों की पहचान कर उनकी बेदर्दी से सजा सुनिश्चित करनी चाहिए।

सतनाम सिंह गंभीर ने कहा, “इन आतंकियों को पनाह देने वाले पाकिस्तान को भी उसकी करतूतों की कीमत चुकानी होगी। उन्हें सबक सिखाए बिना इस तरह की आतंकी वारदातों का सरलता से दोहराव रोका नहीं जा सकता।” उन्होंने सुझाव दिया कि दोनों देशों की सीमाएं अत्याधुनिक निगरानी तंत्र से लैस की जाएं और नापाक मंसूबों में लिप्त गुटों के विरुद्ध मिलकर कड़ा रुख अपनाया जाए।



पूर्वी भारत अध्यक्ष ने केंद्र सरकार एवं राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से घटना की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराने की मांग की, ताकि अपराधियों व उनके सहायक तत्वों को बेनकाब कर सख्त दंडात्मक कार्रवाई हो सके। साथ ही, उन्होंने स्थानीय प्रशासन से अपील की कि पीड़ित परिवारों को तुरंत मुआवजा एवं सामाजिक पुनर्वास योजनाओं से लाभान्वित किया जाए। इस खबर को लेकर राज्य की राजनीतिक एवं सामाजिक सक्रियता चरम पर है। कई विपक्षी दलों ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन की चेतावनी भी दी है, यदि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो आगे जन-आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।

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