साहिबगंज: झामुमो के केंद्रीय सचिव सह प्रवक्ता पंकज मिश्रा ने रविवार को सकरोगढ़ स्थित आवासीय कार्यालय में प्रेसवार्ता करते हुए विपक्षी भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधते हुए अपनी भड़ास निकाली। जहां उन्होंने कहा कि 15 जनवरी 2026 तक अगर शहर के पूर्वी व पश्चिमी रेलवे फाटक पर बनने वाले रेल ओवरब्रिज का टेंडर नहीं हुआ था तो 16 जनवरी से साहिबगंज से रेलवे रैक के माध्यम से पत्थरों की ढुलाई अनिश्चित काल के लिए ठप कर दी जाएगी। उधर आयोजित प्रेसवार्ता में झामुमो नेता पंकज मिश्रा ने झारखंड विधानसभा की विपक्षी भाजपा पार्टी और पूर्व सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि तत्कालीन भाजपा सरकार ने जिले की जनता को केवल घोषणाओं से ठगने का काम किया है। जहां रेल ओवरब्रिज को लेकर यहां की जनता को भ्रम में रखा गया, जबकि हकीकत यह है कि पांच वर्षों के डबल इंजन के कार्यकाल में न तो कोई ठोस कार्य योजना ही बनी और न ही ड्राफ्ट या ड्राइंग तैयार की गई। आगे पंकज मिश्रा ने कहा कि दिशा की बैठक में यह तथ्य सामने आया कि पूर्व भाजपा सरकार ने आरओबी निर्माण को लेकर कोई औपचारिक पहल ही नहीं की थी। जहां उन्होंने बताया कि इस स्थिति को देखते हुए उन्होंने अधिकारियों को प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए थे जहां इसके बाद 24 सितंबर 2025 को जिला प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर आवश्यक कागजात रेलवे को सौंप दिए, ताकि टेंडर प्रक्रिया शुरू हो सके। बावजूद इसके, राजमहल विधानसभा क्षेत्र के पूर्व भाजपा विधायक द्वारा रांची स्थित एजी कार्यालय और केंद्रीय रेल मंत्री को पत्र लिखकर पटेल चौक से आरओबी नहीं बनाने का आग्रह किया गया, जिससे काम में अड़चन पैदा हुई। वही उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और रेल प्रशासन के साथ हुई बैठकों में पूर्वी और पश्चिमी रेल फाटक के पास आरओबी निर्माण, इंटरसिटी ट्रेन में अतिरिक्त एसी कोच जोड़ने, अपर इंडिया एक्सप्रेस को पुनः चालू करने और वनांचल एक्सप्रेस में फर्स्ट एसी कोच लगाने जैसी कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं। जहां एक सप्ताह में काम शुरू करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन रेल प्रशासन लगातार आनाकानी कर रहा है। उधर झामुमो नेता पंकज मिश्रा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 जनवरी 2026 तक दोनों आरओबी का कार्य शुरू नहीं होता है तो 16 जनवरी से रेल के माध्यम से गिट्टी की ढुलाई अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी जाएगी। वही उन्होंने बताया कि इस आंदोलन को जिले के पत्थर व्यवसायियों का समर्थन प्राप्त है और 23 दिसंबर को उनके साथ बैठक भी प्रस्तावित है। वही पाकुड़ जिले के पत्थर व्यवसायियों से भी इस मुद्दे पर बातचीत चल रही है और जनवरी में उनके साथ बैठक की जाएगी। उधर राजमहल मानिकचक गंगा पुल निर्माण को लेकर उन्होंने कहा कि इस विषय पर राजमहल क्षेत्र के विधायक और सांसद ने केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से वार्ता की थी, लेकिन पूर्व विधायक द्वारा सोशल मीडिया पर जनता को धमकाने वाली टिप्पणी की गई कि दोबारा जीत मिलने तक पुल नहीं बनेगा। जहां पंकज मिश्रा ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि जनता को धमकाने का अधिकार किसी को नहीं है। आगे उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि 2026 तक केंद्र सरकार राजमहल मानिकचक गंगा पुल को स्वीकृति नहीं देती है, तो 2027 से साहिबगंज से गोड्डा जाने वाला गंगा जल, ललमटिया और पाकुड़ से कोयले की ढुलाई अनिश्चित काल के लिए बंद कर दी जाएगी। वही उन्होंने चैंबर ऑफ कॉमर्स और सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर साहिबगंज के विकास के लिए एकजुट हों। वही पंकज मिश्रा ने कहा कि उन्हें अंदेशा है कि इन मुद्दों को उठाने पर केंद्रीय एजेंसियां उनके पीछे पड़ सकती हैं, लेकिन वे इससे डरने वाले नहीं हैं। जहां उन्होंने कहा कि यदि उन्हें जेल भी जाना पड़ा तो जिले की जनता उनके परिवार का ख्याल रखेगी। वही उन्होंने विश्वास जताया कि जनता उनके साथ है और वे हर हाल में साहिबगंज को एक विकसित जिला बनाकर रहेंगे। आगे उन्होंने यह भी बताया कि मरीन ड्राइव का डीपीआर तैयार हो चुका है और जनवरी में उसका शिलान्यास किया जाएगा। इस प्रेसवार्ता में झामुमो जिलाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह, सांसद प्रतिनिधि संजीव शामु हेंब्रम सहित पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।









