गुवा में खदान विस्तार से बढ़ी चिंता, पुनर्वास को लेकर विस्थापितों ने प्रशासन से लगाई गुहार

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Guwa : गुवा क्षेत्र में खदान विस्तार के बीच विस्थापन और पुनर्वास को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता गहराती जा रही है। प्रभावित परिवारों ने अपनी समस्याओं को लेकर उपायुक्त मनीष कुमार से मुलाकात कर विस्तृत रूप से अपनी बात रखी।

विस्थापितों की शिकायतें सुनने के बाद उपायुक्त ने प्रवीण केरकेट्टा (एडीसी) को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने एडीसी को अपना मांग पत्र सौंपा।

जानकारी के अनुसार, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) द्वारा नोवामुंडी प्रखंड अंतर्गत गुवा खदान के विस्तार की प्रक्रिया चल रही है। इसके तहत रामनगर डीपासाई, नानक नगर, पुट साइडिंग और जाटा हाटिंग पंचायत (गुवा पूर्वी-पश्चिमी) के निवासियों को अन्यत्र बसाने की योजना है। हालांकि अब तक केवल 184 परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था की गई है, जबकि करीब 500 परिवार अब भी सूची से बाहर बताए जा रहे हैं।

विस्थापितों ने प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में मांग की है कि छूटे हुए सभी परिवारों का पुनः सर्वे कर उन्हें भी सरकारी प्रावधानों के तहत पुनर्वास का लाभ दिया जाए। उनका कहना है कि जब तक सभी प्रभावित परिवारों के लिए समुचित व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक विस्थापन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जानी चाहिए।

मांग पत्र में विस्थापितों ने बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी कई अहम बिंदु उठाए हैं। इनमें पक्का आवास (कमरा, हॉल, किचन, शौचालय-बाथरूम सहित), सामुदायिक भवन, नियमित साफ-सफाई के लिए कर्मियों की नियुक्ति, बिजली-पानी की व्यवस्था (जिसका भुगतान वे करने को तैयार हैं), बच्चों के लिए सुरक्षित स्कूल बस सेवा, पूजा-पाठ हेतु मंदिर, तथा वंचित परिवारों के लिए पुनः सर्वे कर आवास उपलब्ध कराने की मांग शामिल है।

विस्थापितों का कहना है कि नई जगह पर मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन कठिन हो जाएगा, इसलिए प्रशासन और सेल प्रबंधन को जल्द समाधान निकालना चाहिए। ज्ञापन सौंपने वालों में विनय कुमार प्रसाद, राजा बिहारी, धर्मेंद्र रजक और रोहित कुमार सिंह प्रमुख रूप से शामिल थे।

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