Delhi : जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने नई दिल्ली में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी से मुलाकात कर घाटशिला स्थित हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (एचसीएल) की तांबा खदानों एवं मौभंडार स्थित स्मेल्टर-रिफाइनरी संयंत्र को पूर्ण क्षमता से संचालित कराने की मांग की।
सांसद ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि जमशेदपुर संसदीय क्षेत्र अंतर्गत स्थित इंडियन कॉपर कॉम्प्लेक्स (आईसीसी) देश के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के तांबा उत्पादक उपक्रमों में शामिल है। उनके लगातार प्रयासों से सुरदा, केंदाडीह और राखा तांबा खदानों का संचालन दोबारा शुरू हुआ, लेकिन अभी भी इन खदानों में पूर्ण क्षमता से उत्पादन नहीं हो रहा है। वहीं, मौभंडार स्थित स्मेल्टर एवं रिफाइनरी संयंत्र भी अब तक चालू नहीं हो सका है।
विद्युत वरण महतो ने बताया कि पिछले दस वर्षों में राखा माइंस से जुड़े यूसीआईएल के साथ लीज ओवरलैपिंग, भूमि उपलब्धता, माइनिंग लीज, पर्यावरण एवं वन स्वीकृति जैसी कई महत्वपूर्ण समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए गए हैं। इसके बावजूद धौबनी, किसनगढ़िया और पाथरगोड़ा तांबा खदानों में अब तक खनन कार्य शुरू नहीं हो सका है।
सांसद ने केंद्रीय मंत्री से सुरदा, केंदाडीह और राखा खदानों में पूर्ण उत्पादन सुनिश्चित कराने, सिद्धेश्वर खान ब्लॉक में लंबित खनन कार्य शुरू कराने तथा मौभंडार स्मेल्टर-रिफाइनरी संयंत्र को शीघ्र पुनः चालू कराने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने धातकीडीह, तिरिलडीह, रामचंद्र पहाड़ और नंदूप तांबा ब्लॉकों का शीघ्र सर्वेक्षण, विकास एवं खनन कार्य शुरू कराने का भी आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के शुरू होने से पूर्वी सिंहभूम में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और देश के तांबा उत्पादन को भी नई गति मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी ने सांसद की मांगों को गंभीरता से लेते हुए अपने निजी सचिव कार्तिकेन को सितंबर के प्रथम सप्ताह में एचसीएल के सीएमडी के साथ समीक्षा बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि राज्य सरकार के स्तर पर कोई बाधा आती है तो वे स्वयं राज्य सरकार से वार्ता करेंगे।
केंद्रीय मंत्री ने विश्वास जताया कि आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर एचसीएल की तांबा खदानों और मौभंडार स्मेल्टर-रिफाइनरी संयंत्र को जल्द ही पूर्ण क्षमता के साथ संचालित किया जाएगा।
















