जमशेदपुर में LGBTQIA+ समुदाय के समर्थन में “सतरंगी सम्मान उत्सव” और “सद्दा हक – समुदाय संवाद” का भव्य आयोजन, 100+ प्रतिभागियों की भागीदारी

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जमशेदपुर, 21 जून 2025 — “समानता, दृश्यता, स्वीकृति और स्वाभिमान“ के संकल्प को साकार करते हुए, जमशेदपुर क्वीयर सर्कल (JQC) ने प्राइड मंथ के अवसर पर एक ऐतिहासिक और सशक्त आयोजन — “सतरंगी सम्मान उत्सव” एवं “सद्दा हक – समुदाय संवाद” का सफलतापूर्वक आयोजन किया।
यह कार्यक्रम LGBTQIA+ समुदाय की दृश्यता, अधिकारों और गरिमा को बढ़ावा देने वाला एक सामाजिक-सांस्कृतिक आंदोलन का प्रतीक बनकर उभरा।

????️‍???? आयोजन का उद्देश्य और स्वरूप:

इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य एक ऐसा समावेशी इकोसिस्टम तैयार करना था, जहाँ LGBTQIA+ समुदाय के सदस्य सुरक्षा, समानता और आत्मसम्मान के साथ न केवल दिखें, बल्कि स्वीकृत और सम्मानित भी हों।
प्राइड मंथ केवल उत्सव नहीं बल्कि गर्व, प्रतिरोध और पहचान की अभिव्यक्ति है, और इस वर्ष जमशेदपुर ने इसका सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया।

आयोजन स्थल और भागीदारी:

यह आयोजन सुपर सेंटर (चौथी मंज़िल), साकची, जमशेदपुर में आयोजित हुआ, जिसमें 100 से अधिक प्रतिभागियों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम में 15 से अधिक परिवर्तनकारी व्यक्तियों और संगठनों को उनके LGBTQIA+ समुदाय के लिए उल्लेखनीय योगदान हेतु “सतरंगी सम्मान” से सम्मानित किया गया।

प्रमुख अतिथि और संस्थानों की सहभागिता:

  • कांग्रेस नेता श्री सुनित शर्मा (राजीव गांधी पंचायती राज संस्थान)
  • प्रिंसिपल आशु मैम (सेंट जॉन्स इंग्लिश स्कूल)
  • CSR प्रतिनिधि पंखुरी, टाटा स्टील (TSUISL)
  • संगठनों से प्रतिनिधित्व: YUVA, People for Change, आदर्श सेवा संस्थान, School Teachers, आदि

“सद्दा हक – समुदाय संवाद”:

इस ओपन माइक मंच ने युवाओं और LGBTQIA+ समुदाय के सदस्यों को अपनी कविताओं, कहानियों, गीतों और कला के माध्यम से अपने जीवन के अनुभव साझा करने का अवसर दिया।
यह सेशन सृजनात्मक अभिव्यक्ति और आत्म-स्वीकृति का गवाह बना।

“सतरंगी सम्मान” – प्रेरक व्यक्तियों का सम्मान:

समारोह में स्वास्थ्य, शिक्षा, मीडिया, नीति निर्माण, कला और सामुदायिक सेवा जैसे क्षेत्रों में कार्यरत व्यक्तियों को सतरंगी सम्मान देकर सम्मानित किया गया।

प्रिंसिपल आशु मैम ने कहा:
“हमें ऐसे संस्थान तैयार करने चाहिए जहाँ हर बच्चा — चाहे उसकी लैंगिक पहचान जो भी हो — गरिमा और सुरक्षा के साथ शिक्षा प्राप्त कर सके। यह आयोजन बदलाव की आशा जगाता है।“

युवा ट्रांस लीडर ऋषिका ने भावुक होकर कहा:
“यह आयोजन हमारे लिए एक सुरक्षित स्पेस है, जहाँ हमारी पहचान और प्रयासों को खुले दिल से स्वीकारा गया। यह आत्म–सम्मान का सबसे खूबसूरत अनुभव है।“

JQC का कार्य और भविष्य की योजनाएं:

जमशेदपुर क्वीयर सर्कल (JQC) पिछले कई वर्षों से झारखंड में LGBTQIA+ समुदाय के साथ मिलकर जेंडर, मानसिक स्वास्थ्य, SRHR, HIV/AIDS, और कानूनी जागरूकता जैसे क्षेत्रों में 100+ वर्कशॉप्स आयोजित कर चुका है।
विशेष कार्य:

  • ट्रांसजेंडर के लिए पहचान पत्र (TG कार्ड)
  • हेल्थ एक्सेस और सामाजिक सुरक्षा
  • स्लम क्षेत्रों में लैंगिक अधिकारों पर कार्य

???? भविष्य की रणनीति:

JQC आने वाले समय में निम्नलिखित पहलों पर कार्य करेगा:

  • ट्रांसजेंडर समावेशी हेल्थ OPDs की स्थापना
  • जेंडर समावेशन पर स्कूल-कॉलेज पाठ्यक्रम निर्माण
  • मानसिक स्वास्थ्य नेटवर्क और काउंसलिंग सेवाओं का विस्तार
  • लीडरशिप और आजीविका कार्यक्रम
  • नीति-निर्माताओं के साथ सतत संवाद

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