सरायकेला। चांडिल थाना क्षेत्र के धधकिदीह निवासी सुफल मुर्मू ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि हजारीबाग जेल में बंद कुख्यात इनामी नक्सली महाराज प्रामाणिक के नाम का इस्तेमाल कर उनसे रंगदारी मांगी जा रही है। पीड़ित ने मामले की प्राथमिकी दर्ज कर तकनीकी जांच कराने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, 16 जुलाई 2026 की रात करीब 8:33 बजे उनके सहयोगी नरेश कुमार साहू के मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने स्वयं को महाराज प्रामाणिक बताया। आवेदन में दावा किया गया है कि कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए कुछ अन्य लोगों को भी बातचीत में शामिल किया गया।
सुफल मुर्मू ने अपने आवेदन में राजू कुम्हार, कार्तिक प्रमाणिक, राजू किस्कू, नयन सोरेन समेत अन्य लोगों पर प्रतिमाह 20 हजार रुपये रंगदारी मांगने, जान से मारने की धमकी देने तथा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें भालूकोचा स्थित होटल यदुवंशी बुलाया गया, जहां कुछ लोगों ने कथित तौर पर हथियार के बल पर डराने-धमकाने का प्रयास किया। पीड़ित का कहना है कि वह किसी तरह वहां से अपनी जान बचाकर निकलने में सफल रहे।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि अगले दिन रास्ते में रोककर दोबारा रंगदारी की मांग की गई और भुगतान नहीं करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।
पीड़ित ने पुलिस से मामले में प्राथमिकी दर्ज करने, संबंधित मोबाइल नंबरों की सीडीआर एवं तकनीकी जांच कराने तथा स्वयं और अपने परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि जब उन्होंने चांडिल थाना प्रभारी से सुरक्षा की मांग की तो उन्हें कथित तौर पर कहा गया कि “हम तुम्हारे परिवार के एक-एक सदस्य की सुरक्षा नहीं कर सकते।”
हालांकि, इस संबंध में लगाए गए सभी आरोप शिकायतकर्ता के आवेदन पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।















