आदिम जनजाति की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की ओर बड़ा कदम, पीएम जन.मन योजना से 71 सबर महिलाओं की जिंदगी में बदलाव

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Jamshedpur: पूर्वी सिंहभूम जिले के गोलमुरी-सह-जुगसलाई प्रखंड के जनजातीय बहुल गांवों में आदिम जनजाति (सबर) की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं प्रधानमंत्री जनजातीय न्याय महाअभियान (पीएम जन.मन योजना) के संयुक्त प्रयास से इन महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।



ग्राम पंचायत बेको, दलदली, हुरलुंग, पलाशबनी और देवघर में कुल 9 महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) गठित किए गए हैं, जिनमें 71 सबर महिलाएं शामिल हैं। ये समूह अब महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर देकर आत्मनिर्भर बना रहे हैं। सब्जी उत्पादन और बकरी पालन जैसे कार्यों से जुड़कर महिलाएं न सिर्फ अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार रही हैं, बल्कि समाज में अपनी पहचान भी बना रही हैं।



इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन और समुदाय की सक्रिय भागीदारी के कारण अब ये महिलाएं प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं। यह पहल साबित करती है कि जब सरकारी योजनाएं जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू होती हैं, तो समाज के सबसे वंचित तबके में भी बदलाव संभव है।



इस पहल के केंद्र में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) और पीएम जन.मन योजना जैसी योजनाएं हैं। एनआरएलएम के माध्यम से महिलाओं को प्रशिक्षण, ऋण सुविधा, बाजार से जोड़ने और उद्यमिता विकास के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। वहीं, पीएम जन.मन योजना आदिम जनजातियों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, पेयजल, सामाजिक सुरक्षा और आजीविका को एकीकृत रूप से उपलब्ध कराती है।

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