Potka : आदिवासी बहुल एवं खनन क्षेत्र केरूआडूंगरी पंचायत में जर्जर विद्यालयों की मरम्मती, अतिरिक्त कक्ष निर्माण, चारदीवारी एवं अन्य आधारभूत विकास कार्यों को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। लंबे समय से लंबित विकास योजनाओं के कारण ग्रामीणों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
पंचायत प्रतिनिधियों के अनुसार जिला परिषद अध्यक्ष बारी मुर्मू, पंचायत मुखिया कान्हू मुर्मू तथा जिला परिषद के कनिष्ठ अभियंता (जेई) द्वारा पंचायत के विभिन्न विद्यालयों एवं विकास कार्यों का निरीक्षण कर आवश्यक प्राक्कलन (एस्टीमेट) तैयार किया जा चुका है। इसके बावजूद अब तक किसी भी योजना पर कार्य शुरू नहीं होने से स्थानीय लोगों में निराशा है।
मुखिया कान्हू मुर्मू ने कहा कि आदिवासी बहुल एवं खनन प्रभावित क्षेत्र होने के बावजूद केरूआडूंगरी पंचायत को विकास कार्यों में अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिल रही है। कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति मिलने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है, जिससे मरीजों, मजदूरों, विद्यार्थियों, वाहन चालकों एवं आम ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
उन्होंने बताया कि पंचायत के कई विद्यालयों की स्थिति अत्यंत जर्जर हो चुकी है। भवनों की मरम्मती, अतिरिक्त कमरों के निर्माण तथा सुरक्षा के लिए चारदीवारी की तत्काल आवश्यकता है। समय रहते आवश्यक कार्य नहीं होने पर किसी भी समय गंभीर दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
इन्हीं मांगों को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों ने हाल ही में उप विकास आयुक्त (डीडीसी) से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। डीडीसी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उपलब्ध फंड के माध्यम से आवश्यक कार्यों को जल्द शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।
मुखिया कान्हू मुर्मू ने चेतावनी दी कि यदि जर्जर विद्यालयों की मरम्मती, अतिरिक्त कक्ष निर्माण एवं अन्य विकास योजनाओं पर शीघ्र काम शुरू नहीं किया गया तो पंचायत की जनता के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और ग्रामीणों की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर अब और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ग्रामीणों ने भी प्रशासन से अविलंब कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि विकास योजनाओं के धरातल पर उतरने से ही क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं का समाधान संभव हो सकेगा।









