Jamshedpur Congress बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना पर मंथरगति से हो रहे कार्य पर कांग्रेस का विरोध

Share करें

✓ Link copy हो गया!

जिला कांग्रेस कमेटी ने उठाए जलापूर्ति योजना में देरी पर सवाल

Jamshedpur: जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में जिला अध्यक्ष आनंद बिहारी दुबे के नेतृत्व में कांग्रेस का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना में हो रही देरी को लेकर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जमशेदपुर प्रमंडल के कार्यालय पहुंचा। जिला अध्यक्ष ने कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार को एक ज्ञापन सौंपा और स्पष्ट जवाब मांगा कि यह योजना कब तक पूरी होगी।

जलापूर्ति योजना की स्थिति और अभियंता का आश्वासन

कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि 25 मार्च 2025 तक बागबेड़ा, किताडीह, हरहरगुट्टू, करनडीह, और खासमहल जैसे इलाकों में जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि योजना को समय पर पूरा करने के लिए संवेदक को सख्त निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, रेलवे लाइन के नीचे पाइपलाइन बिछाने जैसे कुछ तकनीकी कारणों से देरी हो रही है, लेकिन इसे जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

जल संकट पर कांग्रेस का कड़ा रुख

जिला अध्यक्ष आनंद बिहारी दुबे ने विभाग पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्षेत्र की 2 लाख आबादी पानी की गंभीर समस्या का सामना कर रही है। उन्होंने विभाग को आगाह किया कि अगर जलापूर्ति योजना में और देरी हुई, तो वे इसे लेकर विभागीय मंत्री और मुख्यमंत्री से मिलेंगे।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विभाग के पास बजट की कमी जैसी भ्रांतियों को दूर करने की जिम्मेदारी है।

योजना की मौजूदा प्रगति

अभियंता ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि:

सपडा क्षेत्र में इंटकवेल का निर्माण पूरा हो चुका है।

ट्रांसफार्मर लगाकर मोटर चालू करने की प्रक्रिया जारी है।

रॉ वॉटर लाने के काम को तेजी से पूरा करने के लिए विभाग दिन-रात कार्यरत है।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख सदस्य

इस विरोध प्रदर्शन में प्रदेश महामंत्री अजय सिंह, प्रदेश सचिव देबू चटर्जी, सामान्य कुमार, सुरेश धारी, और अन्य कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

ज्ञापन का मुख्य अंश

कांग्रेस ने अपने ज्ञापन में मांग की है कि:

संवेदक को अधिक कामगार नियुक्त करने के निर्देश दिए जाएं।

बागबेड़ा, खासमहल, करनडीह जैसे क्षेत्रों में 300-600 फुट नीचे चले गए जल स्तर को देखते हुए जलापूर्ति योजना में तेजी लाई जाए।

योजना की धीमी गति को लेकर विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही तय हो।

 

Leave a Comment

The specified slider id does not exist.