सावन में श्रद्धालुओं की पहली पसंद बना “चंपारण जलपान होटल”, प्याज़-लहसुन रहित व्यंजनों की मिसाल

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Jamshedpur : श्रावण मास के पवित्र अवसर पर जब श्रद्धालु व्रत, उपवास और शुद्ध सात्विक भोजन की तलाश में रहते हैं, ऐसे में साकची स्थित “चंपारण जलपान होटल” आस्था और स्वाद का एक आदर्श संगम बनकर उभरा है।

22 वर्षों से बिना प्याज़-लहसुन के स्वादिष्ट व्यंजन
यह होटल पिछले 22 वर्षों से लगातार प्याज़ और लहसुन रहित शुद्ध शाकाहारी भोजन परोसता आ रहा है। होटल के मालिक धनंजय शर्मा बताते हैं कि हमने शुरू से ही बाबा भोलेनाथ की भावना से जुड़कर इस होटल को चलाया है। हमारा उद्देश्य है कि हर व्यक्ति बिना संकोच यहां भोजन कर सके।”

हर व्यंजन सिर्फ ₹10 में

इस होटल की खासियत इसकी किफायती दरें हैं – सभी आइटम मात्र ₹10 में। चाहे वह समोसा, आलू बोंडा, भेजी, जलेबी, कचौड़ी, ब्रेड चॉप हो या मिठाई में मालपुआ, चंद्रकला, गजा – स्वाद, शुद्धता और सेवा का ऐसा मेल वाकई दुर्लभ है।

सावन में लगती है विशेष भीड़

श्रावण मास में व्रती और श्रद्धालु यहां बड़ी संख्या में आते हैं। लोग कहते हैं कि “यहां खाना सिर्फ पेट नहीं, आत्मा भी तृप्त करता है।”

स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति सजगता

“चंपारण जलपान होटल” केवल स्वाद तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां स्वच्छता और पर्यावरण सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है:

रसोई और परोसने के बर्तन अलग-अलग रखे जाते हैं।

पत्तल-दोना व लकड़ी के चम्मच का प्रयोग किया जाता है, जिससे प्राकृतिक अपशिष्ट तैयार होता है और प्लास्टिक मुक्त माहौल बना रहता है।

परंपरा और जिम्मेदारी का अद्भुत समागम

यह होटल न सिर्फ एक खाद्य प्रतिष्ठान है, बल्कि परंपरा, स्वच्छता और पर्यावरण-संवेदनशीलता का जीवंत उदाहरण है। सावन में यदि आप व्रत के अनुकूल भोजन, सादगी में स्वाद, और सच्ची सेवा भावना के संगम की तलाश में हैं, तो “चंपारण जलपान होटल” अवश्य आइए — शुद्धता और श्रद्धा के इस ठिकाने पर आत्मिक तृप्ति का अनुभव मिलेगा।

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