चांडिल में भुमिज-मुण्डा समाज की बैठक, परंपरागत शाशनदिरी स्थल पर अतिक्रमण का विरोध

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Adityapur : चांडिल प्रखंड के ग्राम काठजोड़ ग्वालापाड़ा स्थित पारंपरिक मड़प में शनिवार को आदिवासी भुमिज-मुण्डा समाज (सांवतिया गोत्र) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का केंद्र बिंदु समाज के परंपरागत शाशनदिरी स्थल पर कथित वन विभाग और कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा किए गए अतिक्रमण को लेकर रहा।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस अतिक्रमण के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी, और वन विभाग पर भी मुकदमा दायर किया जाएगा। समाज ने यह भी तय किया कि अतिक्रमण से प्रभावित शाशनदिरी स्थल का पारंपरिक विधियों से शुद्धिकरण किया जाएगा, जिसमें झारखंड के साथ-साथ बिहार, बंगाल और उड़ीसा से भी समाज के लोग भाग लेंगे।

समाज के प्रतिनिधियों ने इसे परंपरागत रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत पर सीधा हमला करार देते हुए कहा कि वे इस तरह के किसी भी अतिक्रमण को कदापि स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि परंपरागत अधिकारों और आदिवासी अस्मिता की रक्षा के लिए समाज हरसंभव संवैधानिक और सामाजिक संघर्ष करेगा।

बैठक में बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे, जिनमें प्रमुख रूप से ग्राम प्रधान आनंद सिंह, जिला परिषद सदस्य असीत सिंह पातर, पूर्व मुखिया नरसिंह सरदार, मंगल सिंह सरदार, रविन्द्र सरदार, राधेश्याम सिंह सरदार, भानू सिंह, मानिक सरदार, राधाकृष्ण सिंह मुंडा, अमर सरदार, भक्त रंजन भुमिज, दिवाकर सरदार, बुद्धेश्वर सिंह मुण्डा, समर सिंह, साथ ही चांडिल, नीमडीह, पटमदा, तमाड़, जमशेदपुर व सीनी क्षेत्र के सामाजिक प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रही।

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