Rajnagar : ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती नशाखोरी पर रोक लगाने और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से राजनगर प्रखंड के बनकटी गांव में आदिवासी किसान क्लब ने सराहनीय पहल की है। क्लब की ओर से 31 अक्टूबर से 1 नवंबर तक आयोजित होने वाली फुटबॉल एवं खेलकूद प्रतियोगिता को पूरी तरह नशामुक्त रखने का निर्णय लिया गया है। इस पहल के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहकर खेल, शिक्षा और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
इस अभियान का नेतृत्व मुखिया निमाई सोरेन कर रहे हैं। क्लब के सदस्यों का मानना है कि खेलकूद युवाओं की प्रतिभा निखारने, उनमें अनुशासन विकसित करने और आपसी भाईचारे को मजबूत बनाने का प्रभावी माध्यम है। हालांकि, खेल आयोजनों के दौरान नशे के सेवन से कई बार विवाद, आपसी झगड़े और अशांति की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए क्लब ने इस बार प्रतियोगिता को नशामुक्त वातावरण में आयोजित करने का संकल्प लिया है। प्रतियोगिता के दौरान नशे की बिक्री और सेवन पर रोक लगाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही, नशे का सेवन कर पहुंचने वाले खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसका उद्देश्य खेल आयोजन को अनुशासित, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है।
नशामुक्त खेल प्रतियोगिता के सफल आयोजन और अभियान में प्रशासनिक सहयोग प्राप्त करने के उद्देश्य से सोमवार को मुखिया निमाई सोरेन के नेतृत्व में आदिवासी किसान क्लब के प्रतिनिधिमंडल ने अनुमंडल कार्यालय पहुंचकर अनुमंडल पदाधिकारी को मांग पत्र सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रतियोगिता के दौरान नशाखोरी पर नियंत्रण रखने और आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक सहयोग की मांग की।
इस दौरान क्लब के अध्यक्ष देव कुमार सोरेन, सचिव सालखान हेंब्रम, मुंडा-मांझी बाबा ठाकुर सोरेन, कोरन सोरेन, कालिया सरदार, अर्जुन मुर्मू तथा झारखंड आंदोलनकारी सम्मान समिति के अध्यक्ष शंकर सोय सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
आदिवासी किसान क्लब की यह पहल केवल फुटबॉल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से ग्रामीण समाज में नशामुक्ति का संदेश फैलाने का भी प्रयास किया जा रहा है। खेलकूद के प्रति युवाओं की रुचि बढ़ाकर उन्हें नशे की लत और उससे जुड़ी सामाजिक समस्याओं से दूर रखने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
फुटबॉल सहित अन्य खेलों से युवाओं में टीम भावना, सहयोग, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है। खेल आयोजनों को नशामुक्त वातावरण में संपन्न कराने से खिलाड़ियों के साथ-साथ दर्शकों और पूरे ग्रामीण समुदाय में भी सकारात्मक संदेश पहुंचेगा।
क्लब को उम्मीद है कि बनकटी गांव में आयोजित होने वाली यह प्रतियोगिता नशामुक्ति, सामाजिक एकता और खेल भावना का उदाहरण बनेगी। साथ ही, आसपास के गांवों के युवा भी इससे प्रेरित होकर नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए आगे आएंगे।
















