Adityapur : झारखंड की औद्योगिक राजधानी कहे जाने वाले आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की बदहाल सड़कें अब उद्योगों में कार्यरत लाखों श्रमिकों, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी हैं। R.I.T. मोड़ से आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया फेज-3 तक सड़क की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि हर दिन हजारों वाहन गड्ढों से बचते-बचाते गुजरते हैं और दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है।
इसी औद्योगिक क्षेत्र से पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां समेत आसपास के जिलों के लाखों परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। प्रतिदिन हजारों मजदूर, कर्मचारी और अधिकारी इसी मार्ग से विभिन्न कंपनियों तक पहुंचते हैं। बरसात के दिनों में सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर जाने से खतरा और बढ़ जाता है। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है और मामूली चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से कई जनप्रतिनिधि, सांसद और विधायक भी समय-समय पर गुजरते हैं, लेकिन सड़क की मरम्मत को लेकर अब तक कोई ठोस पहल दिखाई नहीं देती। औद्योगिक क्षेत्र होने के बावजूद सड़क की ऐसी दुर्दशा विकास के दावों पर सवाल खड़े करती है।

लोगों का यह भी आरोप है कि R.I.T. से फेज-3 तक के इस महत्वपूर्ण मार्ग की ओर किसी भी राजनीतिक दल ने गंभीरता से ध्यान नहीं दिया है। चुनाव के दौरान विकास के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही इस क्षेत्र की समस्याएं फिर अनदेखी कर दी जाती हैं।
स्थानीय नागरिकों, उद्योगों में कार्यरत कर्मचारियों और वाहन चालकों ने प्रशासन, जनप्रतिनिधियों तथा संबंधित विभाग से मांग की है कि सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए, ताकि किसी संभावित बड़े हादसे से पहले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यदि समय रहते इस दिशा में कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में कोई बड़ी दुर्घटना होने से इनकार नहीं किया जा सकता।

















