मुसाबनी:- मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के निवासी लक्ष्मण गौड़, जो लोहा की खाट (खटिया) बेचने के सिलसिले में पूर्वी सिंहभूम जिले के मुसाबनी क्षेत्र आए थे, अचानक अस्वस्थ हो गए। उनकी तबीयत बिगड़ने के साथ-साथ मानसिक स्थिति भी प्रभावित हो गई, जिसके कारण वे कई दिनों तक मुसाबनी और आसपास के क्षेत्रों में भटकते रहे।
इसी दौरान मुसाबनी प्रखंड प्रमुख एवं आजसू नेता रामदेव हेंब्रम की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने मानवता का परिचय देते हुए लक्ष्मण गौड़ को अपने घर ले जाकर भोजन और रहने की व्यवस्था की तथा उनकी स्थिति के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया।
काफी प्रयास के बाद उनके परिजनों का मोबाइल नंबर प्राप्त हुआ, जिसके बाद रामदेव हेंब्रम ने तत्काल उनके परिवार को सूचना दी। सूचना मिलने पर लक्ष्मण गौड़ का बेटा मुसाबनी पहुंचा। तीन दिनों तक उनकी देखभाल करने के बाद रामदेव हेंब्रम ने उन्हें उनके बेटे को सकुशल सौंप दिया। इसके बाद बेटा अपने पिता को लेकर मध्यप्रदेश स्थित अपने घर लौट गया।
इस मानवीय पहल की स्थानीय लोगों ने सराहना करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में रामदेव हेंब्रम ने जिस संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का परिचय दिया, वह समाज के लिए प्रेरणादायक है।
















