Potka : पोटका प्रखंड के बोनगोड़ा गांव में गुरुग्राम हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के आश्रितों से समाजसेवी एवं महिला नेत्री दुखनी सोरेन ने मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में वे पूरी मजबूती के साथ पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी हैं और उन्हें हरसंभव न्याय दिलाने का प्रयास करेंगी।
मुलाकात के दौरान पीड़ित परिवारों ने बताया कि हरियाणा सरकार एवं संबंधित कंपनी की ओर से मुआवजा मिल चुका है, लेकिन झारखंड सरकार द्वारा घोषित बकाया सहायता राशि अब तक प्राप्त नहीं हुई है। इसके लिए उन्हें लगातार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
दुखनी सोरेन ने परिवारों को आश्वस्त किया कि वे इस मामले को राज्य सरकार के समक्ष गंभीरता से उठाएंगी और संबंधित विभाग के अधिकारियों से वार्ता कर लंबित मुआवजा जल्द दिलाने का प्रयास करेंगी। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को उनका अधिकार समय पर मिलना चाहिए और सरकार को इस मामले में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हादसे में अपने परिजनों को खो चुके परिवार पहले ही गहरे सदमे में हैं। ऐसे में मुआवजे में हो रही देरी उनकी आर्थिक और मानसिक परेशानियों को और बढ़ा रही है। उन्होंने राज्य सरकार से लंबित सहायता राशि का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके।
गौरतलब है कि मार्च 2026 में गुरुग्राम के एक निर्माणाधीन स्थल पर मिट्टी धंसने की घटना में पूर्वी सिंहभूम जिले के कई मजदूरों की मौत हो गई थी। इस दौरान जेएलकेएम जिला महामंत्री बिमल महतो, शंकर भक्त, कार्तिक सोरेन, शंकर मुंडा सहित अन्य लोग उपस्थित थे।









