Saraikela : किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा आयोजित ‘उली बगइचा परब’ (आम महोत्सव) में शनिवार को उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में सिंहभूम की सांसद जोबा मांझी और सरायकेला की उप विकास आयुक्त (डीडीसी) रीना हसदा शामिल हुईं। दोनों ने किसानों का उत्साहवर्धन करते हुए इस पहल को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद जोबा मांझी ने जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन किसानों का मनोबल और आत्मविश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के सकारात्मक परिणाम अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगे हैं और किसान इसका लाभ उठा रहे हैं।
सांसद ने कहा कि आदित्यपुर में आयोजित इस आम प्रदर्शनी के माध्यम से आम उत्पादक किसानों को अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने और प्रदर्शित करने का अवसर मिला है। इससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने के साथ-साथ नए बाजारों तक पहुंच बनाने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराया गया यह मंच किसानों को नई ऊर्जा देगा और अन्य किसानों को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेगा।
इस अवसर पर डीडीसी रीना हसदा ने बताया कि मनरेगा के अंतर्गत संचालित बिरसा हरित ग्राम योजना के माध्यम से जिले में आम बागवानी को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्तमान में जिले के लगभग 6,000 किसान इस योजना से जुड़े हुए हैं और आम्रपाली, मालदा तथा मल्लिका जैसी उन्नत किस्मों के आमों का उत्पादन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ‘उली बगइचा परब’ का मुख्य उद्देश्य किसानों को सीधे ग्राहकों, व्यापारियों और नए वेंडर्स से जोड़कर उन्हें बेहतर बाजार और मार्केट लिंकेज उपलब्ध कराना है। इससे किसानों को अपने उत्पादों का उचित मूल्य प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
डीडीसी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों से आए किसानों द्वारा उत्पादित आम प्राकृतिक खेती की पद्धति से तैयार किए गए हैं। इनमें रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों और कार्बाइड का न्यूनतम उपयोग किया गया है, जिससे इनकी गुणवत्ता, स्वाद और स्वास्थ्य संबंधी विशेषताएं बेहतर बनी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन किसानों को इनपुट उपलब्ध कराने से लेकर उत्पादन, विपणन और मार्केट लिंकेज तक हर स्तर पर सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रशासन का लक्ष्य किसानों की आय में वृद्धि करना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
कार्यक्रम के दौरान किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए और ऐसे आयोजनों को कृषि उत्पादों के प्रचार-प्रसार तथा बाजार विस्तार के लिए उपयोगी बताया।









