Jamshedpur : झारखंड आंदोलन के वरिष्ठ सेनानी स्वर्गीय रामदास माहली की 16वीं पुण्यतिथि मंगलवार को मुसाबनी प्रखंड के पाथरगोडा-लिपुडीह स्थित उनके पैतृक आवास पर श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आंदोलनकारियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों ने उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए और झारखंड आंदोलन में उनके योगदान को याद किया।
आयोजित श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय रामदास माहली ने अलग झारखंड राज्य के गठन के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया था। आंदोलन के दौरान उन्होंने कई संघर्षों और कठिन परिस्थितियों का सामना किया, लेकिन अपने लक्ष्य से कभी पीछे नहीं हटे। उनके योगदान को झारखंड के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।
पुण्यतिथि कार्यक्रम के दौरान बच्चों के बीच पाठ्य सामग्री का वितरण भी किया गया। इस अवसर पर समाजसेवी आनंद हेम्ब्रम ने बच्चों को शिक्षा का महत्व बताते हुए कहा कि शिक्षित समाज ही अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक हो सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने रामदास माहली के आदर्शों पर चलने और झारखंड के विकास तथा समाज के उत्थान के लिए कार्य करने का संकल्प लिया।
श्रद्धांजलि सभा में आंदोलनकारी मंच के वरिष्ठ नेता, विभिन्न जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने स्वर्गीय रामदास माहली के संघर्षपूर्ण जीवन को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया।







