Chaibasa : पश्चिमी सिंहभूम जिले के कोल्हान रिजर्व वन क्षेत्र अंतर्गत टोंटो थाना के रूटागुटू के घने जंगल बुधवार तड़के अचानक गोलियों की आवाज से गूंज उठे। सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच हुई इस मुठभेड़ ने पूरे इलाके को दहला दिया।
जानकारी के अनुसार, कोबरा 209 बटालियन के जवान नियमित सर्च ऑपरेशन पर निकले थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए माओवादियों ने जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभाल लिया। दोनों ओर से कई राउंड फायरिंग हुई, जिससे जंगल का इलाका कुछ समय के लिए युद्ध क्षेत्र में तब्दील हो गया।
सूत्रों के मुताबिक, मुठभेड़ सुबह करीब साढ़े चार बजे शुरू हुई और रुक-रुक कर काफी देर तक जारी रही। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेरते हुए सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। ड्रोन और ट्रैकिंग टीम की मदद से माओवादियों की तलाश की जा रही है।
बताया जा रहा है कि सुरक्षाबल पिछले दो दिनों से गोइलकेरा के बोरोई और तूनबेड़ा इलाकों में सघन कॉम्बिंग अभियान चला रहे थे। इसी दौरान माओवादी गतिविधियों के इनपुट के आधार पर रूटागुटू जंगल में ऑपरेशन को आगे बढ़ाया गया, जहां आमना-सामना हो गया।
पश्चिमी सिंहभूम के एसपी अमित रेणु ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए कहा कि अभियान अभी जारी है और जवान पूरी सतर्कता के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में क्षेत्र में पूर्व माओवादी रमेश चाम्पिया की हत्या के बाद तनाव बढ़ गया था। खुफिया एजेंसियों को यह भी संकेत मिले थे कि कुख्यात माओवादी नेता मिसिर बेसरा के नेतृत्व में संगठन फिर से सक्रिय हो रहा है और छोटे-छोटे समूहों में छापामार रणनीति के तहत हमले की तैयारी कर रहा है।
फिलहाल पूरे कोल्हान और सारंडा क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ ही लगातार निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते निष्क्रिय किया जा सके।










