ग्राम सभा स्थल बदलने के फैसले पर बोकना के ग्रामीणों में आक्रोश, बहिष्कार और आंदोलन की चेतावनी

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Guwa : टाटा स्टील प्रबंधन द्वारा बोकना ग्राम सभा का आयोजन बोकना के बजाय बरायबुरु टाटीबा में करने के निर्णय के खिलाफ बोकना गाँव के ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। इस मुद्दे पर गाँव में आयोजित एक आपातकालीन बैठक में ग्रामीणों ने प्रबंधन के फैसले का कड़ा विरोध करते हुए चेतावनी दी कि यदि निर्णय वापस नहीं लिया गया तो वे ग्राम सभा का बहिष्कार करने के साथ व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे।

बैठक में ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि जिस क्षेत्र में खनन गतिविधियां संचालित हो रही हैं और जहां की भूमि सीधे तौर पर प्रभावित है, ग्राम सभा का आयोजन भी उसी क्षेत्र में होना चाहिए। ग्रामीणों का कहना था कि बोकना क्षेत्र में माइंस संचालित है, इसलिए ग्राम सभा भी बोकना में ही आयोजित की जानी चाहिए।

ग्रामीणों ने बताया कि मेसर्स उषा मार्टिन के समय से ही संबंधित ग्राम सभा का आयोजन बोकना गाँव में होता रहा है। वर्षों से चली आ रही इस व्यवस्था को बदलना स्थानीय लोगों की भावनाओं और अधिकारों की अनदेखी है। उनका कहना है कि खदान क्षेत्र और प्रभावित भूमि बोकना की है, इसलिए ग्राम सभा का स्थान बदलने का कोई औचित्य नहीं है।

बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम सभा स्थल को बदलने का निर्णय प्रभावित लोगों की भागीदारी को सीमित करने और उनकी आवाज को कमजोर करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा स्थानीय लोगों के अधिकारों और विकास से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों का मंच है, इसलिए इसे प्रभावित क्षेत्र से दूर आयोजित करना उचित नहीं है।

बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर निर्णय लिया गया कि यदि टाटा स्टील प्रबंधन अपने फैसले पर पुनर्विचार नहीं करता और बरायबुरु टाटीबा में ग्राम सभा आयोजित करता है, तो बोकना गाँव का कोई भी ग्रामीण उसमें भाग नहीं लेगा। ग्रामीणों ने सामूहिक बहिष्कार की घोषणा करते हुए प्रशासन और कंपनी प्रबंधन से तत्काल निर्णय बदलने की मांग की।

ग्रामीणों ने हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान के माध्यम से प्रस्ताव का समर्थन किया तथा चेतावनी दी कि मांगों की अनदेखी होने पर लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा।

बैठक में सोनामूनी चाम्पिया, साकुरी चाम्पिया, नागी चाम्पिया, नारी चाम्पिया, सुखलाल पुर्ती, काडे चाम्पिया, गुड्डू बाडुडी, प्रेम चाम्पिया, जयसिंह चाम्पिया, चुडी चाम्पिया, कृष्णा पुर्ती, चौधरी चाम्पिया, मंगल पुर्ती, चुन्नीलाल चाम्पिया, पातोर चाम्पिया, सचिन कालुंडिया, दशरुम रोया, सुरेंद्र, पाकु रोया, साऊ पुर्ती सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।

Leave a Comment

The specified slider id does not exist.

और पढ़ें