आदित्यपुर में ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त, नो-पार्किंग जोन बना स्थायी पार्किंग अड्डा; नगर निगम पर उठे सवाल

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Adityapur : औद्योगिक क्षेत्र Adityapur में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमराती नजर आ रही है। नो-पार्किंग नियम लागू करने की कोशिशों के बावजूद मुख्य सड़कों पर अवैध पार्किंग का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। हालात ऐसे हैं कि यातायात पुलिस की सख्ती भी बेअसर साबित हो रही है, जबकि नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

शेरे पंजाब चौक से लेकर एस-टाइप चौक तक हाल ही में नो-पार्किंग बोर्ड लगाए गए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। सड़कों के किनारे वाहनों की लंबी कतारें रोजाना देखी जा सकती हैं। पुलिस द्वारा माइकिंग और चालान की कार्रवाई के बावजूद कुछ ही देर में स्थिति जस की तस हो जाती है। मुख्य मार्ग पर खड़े वाहन न केवल यातायात बाधित कर रहे हैं, बल्कि सुरक्षा के लिए भी खतरा बन गए हैं।

समस्या की जड़ बहुमंजिला इमारतों में पार्किंग व्यवस्था का अभाव बताया जा रहा है। नियमों के अनुसार किसी भी व्यावसायिक या आवासीय भवन में पार्किंग अनिवार्य होती है, लेकिन क्षेत्र में कई इमारतें बिना बेसमेंट या पर्याप्त पार्किंग के खड़ी हैं। नतीजतन दुकानदार और ग्राहक सड़क पर ही वाहन खड़ा करने को मजबूर हैं।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि भवन निर्माण के दौरान Adityapur Municipal Corporation द्वारा नियमों की अनदेखी कर दी जाती है। बिना पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था के ही नक्शे पास कर दिए जाते हैं, जिससे आज शहर को यह समस्या झेलनी पड़ रही है।

स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि जाम के कारण एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं। शेरे पंजाब चौक, एस-टाइप और लाल बिल्डिंग क्षेत्र में रोजाना जाम लगना आम बात हो गई है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है।

नागरिकों का कहना है कि केवल चालान काटने से समस्या का समाधान संभव नहीं है। जब तक वैकल्पिक पार्किंग व्यवस्था—जैसे मल्टी-लेवल पार्किंग—नहीं बनाई जाती, तब तक नो-पार्किंग नियम प्रभावी नहीं हो पाएंगे। उन्होंने मांग की है कि पहले सार्वजनिक पार्किंग की सुविधा विकसित की जाए, उसके बाद ही सख्ती से नियम लागू किए जाएं।

फिलहाल यह साफ है कि ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम के बीच समन्वय की कमी का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आदित्यपुर की सड़कों का हाल यूं ही पार्किंग अड्डे जैसा बना रहेगा।

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