सरायकेला-खरसावां में अवैध खनन पर कड़ा शिकंजा, टास्क फोर्स बैठक में उपायुक्त ने दिए सख्त निर्देश

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Seraikela : सरायकेला-खरसावां में अवैध खनन और खनिज परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की बैठक आयोजित हुई, जिसमें अवैध गतिविधियों पर रोक, राजस्व संरक्षण और बालू घाटों के संचालन में तेजी लाने को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए।

बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिले में बिना वैधानिक अनुमति के किसी भी प्रकार की खनन गतिविधि संचालित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अंचल अधिकारियों को खनन निरीक्षकों के साथ समन्वय बनाकर नियमित जांच अभियान चलाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही, सभी ईंट भट्टों का व्यवस्थित मानचित्रण कराने का निर्देश भी दिया गया, ताकि अनियमितताओं पर अंकुश लगाया जा सके।

श्रेणी-2 बालू घाटों के संचालन में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए उपायुक्त ने ईचागढ़ और कुकड़ू के प्रखंड विकास पदाधिकारियों को ग्राम सभा की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी की उपस्थिति सुनिश्चित करते हुए बालू घाटों का संचालन जल्द शुरू करने पर जोर दिया।

जिला खनन पदाधिकारी ज्योति शंकर शतपथी ने बैठक में जानकारी दी कि 11 मार्च से 22 अप्रैल 2026 के बीच चलाए गए अभियान में 10 वाहनों को जब्त किया गया। इनमें 5 हाईवा, 4 ट्रैक्टर और 1 टाटा 407 शामिल हैं। इस दौरान करीब 4000 सीएफटी बालू जब्त कर ₹2.10 लाख की राजस्व वसूली की गई।

दलमा क्षेत्र में अवैध खनन की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को संयुक्त निरीक्षण करने का निर्देश दिया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान अनिवार्य रूप से वीडियोग्राफी कराने को कहा, ताकि कार्रवाई की पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

बैठक में यह भी सामने आया कि कुछ वाहन पश्चिम बंगाल के चालान के माध्यम से खनिजों का परिवहन कर रहे हैं। इस पर उपायुक्त ने अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी और खनन निरीक्षकों को सघन जांच कर परिवहन की वैधता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

National Green Tribunal (NGT) के 10 जून से प्रभावी होने वाले दिशा-निर्देशों को देखते हुए सभी बालू स्टॉकिस्ट को अग्रिम भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उस अवधि में नदी से अवैध उत्खनन रोका जा सके। साथ ही, नीलाम की गई जब्त बालू के सफल बोलीदाताओं को उठाव के लिए अतिरिक्त 15 दिनों का समय देने का निर्णय लिया गया।

बैठक में अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला अभिनव प्रकाश, अनुमंडल पदाधिकारी चांडील विकास राय, जिला परिवहन पदाधिकारी गिरिजा शंकर महतो, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय, प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारी समेत सभी अंचल अधिकारी और थाना प्रभारी मौजूद रहे।

प्रशासन के इस सख्त रुख से साफ संकेत है कि जिले में अवैध खनन और खनिज परिवहन के खिलाफ अब व्यापक और निरंतर कार्रवाई देखने को मिलेगी।

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