Seraikela : नोएडा और हरियाणा सहित पूरे एनसीआर क्षेत्र में मजदूरों के चल रहे आंदोलन की गूंज अब झारखंड के औद्योगिक क्षेत्र आदित्यपुर तक पहुंच गई है। गुरुवार को इंडस्ट्रियल मजदूर यूनियन ने टाटा-कांड्रा मुख्य मार्ग पर जोरदार प्रदर्शन कर आंदोलनरत मजदूरों के प्रति एकजुटता दिखाई।
सूरज ऑटोमोबाइल के समक्ष आयोजित इस प्रदर्शन में यूनियन के सदस्यों ने केंद्र और राज्य सरकारों की कथित श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ तीखा विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए मजदूरों के अधिकारों की रक्षा की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने आरोप लगाया कि एनसीआर के कई कारखानों में मजदूरों से 10 से 12 घंटे तक काम लिया जा रहा है, जबकि उन्हें मात्र ₹11,000 वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि न तो ओवरटाइम का भुगतान किया जा रहा है और न ही बोनस दिया जा रहा है।
जब मजदूरों ने इन मुद्दों पर आवाज उठाई, तो उनके अनुसार उत्तर प्रदेश और हरियाणा की सरकारों द्वारा लाठीचार्ज, आंसू गैस और गिरफ्तारियों के जरिए आंदोलन को दबाने की कोशिश की गई।
यह प्रदर्शन CITU के राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत आयोजित किया गया। 16 अप्रैल को देशभर में मजदूरों के समर्थन में इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इंडस्ट्रियल मजदूर यूनियन ने मांग की कि गिरफ्तार मजदूरों को तुरंत रिहा किया जाए और उनकी जायज मांगों को बिना देरी के स्वीकार किया जाए।
प्रदर्शन का नेतृत्व यूनियन के अध्यक्ष मंटू मिश्रा ने किया। इस दौरान अधिवक्ता राजीव सिंह, फागू महतो, गिरीश कुमार सिन्हा, सार्जन महतो, शंकर साहू, वीरेन्द्र सिंह, प्रमोद कुमार, विजया नंद सिंह और काली दास समेत दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आदित्यपुर का यह प्रदर्शन बताता है कि मजदूरों के मुद्दे अब क्षेत्रीय सीमाओं से आगे बढ़कर राष्ट्रीय स्वरूप ले रहे हैं। यूनियनों की एकजुटता सरकारों पर दबाव बनाने का संकेत देती है कि श्रमिकों की समस्याओं का समाधान जल्द और न्यायपूर्ण तरीके से किया जाए।











