Ranchi : 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक Thakur Vishwanath Shahdeo के 168वें शहादत दिवस पर शुक्रवार को राजधानी रांची में भावनात्मक और ऐतिहासिक माहौल देखने को मिला। धुर्वा गोल चक्कर के समीप स्थित उनकी प्रतिमा स्थल पर बड़ी संख्या में लोगों ने जुटकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
यह आयोजन अमर शहीद ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव ट्रस्ट के तत्वावधान में किया गया, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों, स्वतंत्रता सेनानियों के वंशजों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी रही।
कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानी के वंशज और झारखंड सेनानी कोष, गृह मंत्रालय के सदस्य Praveer Nath Shahdeo ने कहा कि ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव का बलिदान केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा है। उन्होंने मांग की कि उनका शहादत दिवस और जयंती राष्ट्रीय स्तर पर धूमधाम से मनाई जानी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके संघर्ष को समझ सकें।
इस अवसर पर समाजसेवी और झारखंड अगेंस्ट करप्शन के केंद्रीय संगठन मंत्री Nipu Singh ने कहा कि आज देश जिस आजादी का आनंद ले रहा है, उसमें ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव जैसे वीरों का महत्वपूर्ण योगदान है।
उन्होंने याद दिलाया कि Indian Rebellion of 1857 के दौरान सभी क्रांतिकारियों ने ठाकुर शाहदेव को अपना नेता चुना था। उन्होंने Sheikh Bhikhari, Pandey Ganpat Rai, Nilamber Pitamber और Tikait Umrao Singh जैसे वीर साथियों के साथ मिलकर अंग्रेजों के खिलाफ जमकर संघर्ष किया।
वक्ताओं ने बताया कि अंग्रेजों ने चतरा के पास उन्हें घेरकर गिरफ्तार किया और पैदल रांची लाया गया। 16 अप्रैल को रांची जिला स्कूल के समीप एक कदंब के पेड़ पर उन्हें फांसी दे दी गई। यह घटना आज भी झारखंड के इतिहास में वीरता और बलिदान की मिसाल के रूप में दर्ज है।
कार्यक्रम में सर्वोदय बाल निकेतन स्कूल के विद्यार्थियों सहित विभिन्न जिलों से आए स्वतंत्रता सेनानियों के वंशजों और समाजसेवियों ने भाग लिया।
इस दौरान Champa Devi, Meghnath, Bharat Bhushan Singh, महेंद्र प्रसाद सिंह, कोमल खेरवार, नीलम जगरानी, रवि दत्त, डॉ वंदना राय, धर्मेंद्र तिवारी, मिथिलेश कुमार पांडे सहित हजारों लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित कर वीर शहीद को नमन किया।
कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि स्वतंत्रता संग्राम के नायकों के योगदान को याद रखना और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।











