Jamshedpur : मानवता को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक घटना में खौलती चाय से गंभीर रूप से झुलसी 26 वर्षीय मेहंदी अब धीरे-धीरे स्वस्थ हो रही है। टाटा मुख्य अस्पताल के बर्न यूनिट में भर्ती मेहंदी की हालत में सुधार के संकेत मिले हैं, जिससे परिवार और शुभचिंतकों में उम्मीद जगी है।
डॉक्टरों के अनुसार, मेहंदी अब अपने बिस्तर से उठकर वार्ड में कुछ दूरी तक चलने लगी है। यह उसके स्वास्थ्य में सुधार का सकारात्मक संकेत है, हालांकि उसकी स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है और निरंतर चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता है।
मेहंदी का परिवार चाय बेचकर जीवन यापन करता है। ऐसे में महंगे इलाज का खर्च उठाना उनके लिए बेहद कठिन साबित हो रहा है। अस्पताल के बढ़ते बिल को लेकर परिवार गहरी चिंता में है और उन्हें डर है कि पैसों की कमी इलाज में बाधा न बन जाए।
परिवार की इस पीड़ा को सुनते हुए भाजपा के पूर्व नेता विकास सिंह ने मामले को पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी तक पहुंचाया। उन्होंने उपायुक्त को बताया कि यह केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का मामला है—जहां एक बेटी की जिंदगी दांव पर लगी है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने तुरंत संज्ञान लिया और मेहंदी के इलाज से संबंधित आई.पी नंबर की मांग की। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनके रहते इलाज में किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी।
उपायुक्त के हस्तक्षेप से परिवार को बड़ी राहत मिली है। विकास सिंह ने इसके लिए उपायुक्त का आभार जताया और कहा कि इस संवेदनशील कदम से पीड़ित परिवार को नई उम्मीद मिली है।
फिलहाल, मेहंदी की हालत में सुधार जारी है और पूरा प्रशासन एवं समाज उसके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है।











