रांची में “एकम डायलॉग्स” में झारखंड के पैडमैन तरुण कुमार सम्मानित, जमीनी बदलाव की कहानियों ने छोड़ी गहरी छाप

SHARE:

Ranchi:राजधानी रांची के प्रतिष्ठित Radisson Blu Hotel Ranchi में 8-9 अप्रैल 2026 को आयोजित “एकम डायलॉग्स – संवाद से निर्माण” सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विचारों, अनुभवों और बदलाव की कहानियों का जीवंत संगम बन गया।

Centre for Environment and Energy Development (सीड) द्वारा आयोजित इस दो दिवसीय आयोजन में झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और बिहार से नीति निर्माता, सामाजिक कार्यकर्ता, पद्मश्री सम्मानित हस्तियां और युवा चेंजमेकर्स एक मंच पर जुटे। यहां चर्चा केवल नीतियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि जमीनी स्तर पर बदलाव लाने वाले प्रयासों को केंद्र में रखा गया।

कार्यक्रम के दौरान जलवायु अनुकूलन, स्थानीय संस्कृति, अर्थव्यवस्था और युवा नेतृत्व जैसे विषयों पर गंभीर संवाद हुआ। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि नीतियां तभी प्रभावी होती हैं, जब वे जमीनी अनुभवों से प्रेरित हों।

इस मंच ने उन आवाजों को प्रमुखता दी, जो अक्सर दूरदराज के इलाकों में बदलाव की असली कहानी लिख रही हैं।


झारखंड के “पैडमैन” के रूप में पहचान बना चुके तरुण कुमार को “एकम सम्मान” से नवाजा गया।

निश्चय फाउंडेशन के संस्थापक तरुण कुमार को यह सम्मान डॉ. अर्ता त्रान मिश्रा के हाथों मिला। माहवारी स्वच्छता जैसे संवेदनशील विषय पर उनके लगातार प्रयासों को कार्यक्रम में विशेष सराहना मिली।

उनका अभियान “एक पैड, एक पेड़” न केवल स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ा रहा है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी समाज से जोड़ने का अनोखा उदाहरण पेश कर रहा है।


इस आयोजन की खास बात रही पद्मश्री सम्मानित विभूतियों की गरिमामयी उपस्थिति। इनमें राजेंद्र सिंह (वाटर मैन ऑफ इंडिया), जमुना टुडू, मधु मंसूरी हंसमुख, फूलबासन बाई यादव और राजकुमारी देवी जैसी हस्तियां शामिल रहीं।

इन सभी ने अपने अनुभव साझा करते हुए यह स्पष्ट किया कि असली बदलाव गांवों और समुदायों के भीतर से ही शुरू होता है।


चार राज्यों के कुल 27 चेंजमेकर्स को “एकम सम्मान” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन लोगों के लिए था, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन किए हैं।


कार्यक्रम के दौरान “इकोज ऑफ एकम – सम्मान के स्वर” कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया। इस पुस्तक में सभी 27 चेंजमेकर्स की प्रेरणादायक कहानियां संकलित हैं, जो यह दर्शाती हैं कि छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव की नींव बन सकते हैं।


सम्मान प्राप्त करने के बाद तरुण कुमार ने कहा कि इस तरह की पहचान उनके जैसे कार्यकर्ताओं के लिए नई ऊर्जा का काम करती है। उन्होंने माना कि संसाधनों की कमी चुनौतियां जरूर पैदा करती है, लेकिन सामूहिक प्रयास से समाज के भविष्य को सुरक्षित किया जा सकता है।


“एकम डायलॉग्स” ने यह साबित किया कि नीति और जमीनी हकीकत के बीच की दूरी को संवाद से कम किया जा सकता है। रांची में आयोजित यह मंच आने वाले समय में सामाजिक बदलाव की दिशा तय करने वाला एक महत्वपूर्ण पड़ाव बन सकता है।

Leave a Comment

और पढ़ें