शिक्षा जगत में शोक: गोविंद विद्यालय में डॉ. ब्रह्मदत्त शर्मा को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि

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Jamshedpur : गोविंद विद्यालय, तमोलिया के संस्थापक एवं प्रख्यात शिक्षाविद डॉ. ब्रह्मदत्त शर्मा के आकस्मिक निधन से पूरे शिक्षा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। 7 अप्रैल 2026 की सुबह उनके निधन को क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। वे एक शिक्षक ही नहीं, बल्कि समाज निर्माण के सशक्त स्तंभ और हजारों विद्यार्थियों के प्रेरणास्रोत थे।

उनकी पुण्य स्मृति में बुधवार को गोविंद विद्यालय परिसर में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय परिवार, छात्र-छात्राओं और स्थानीय गणमान्य लोगों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरा वातावरण गमगीन और भावुक बना रहा।

कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों ने अपने प्रिय गुरु के जीवन, संघर्ष और उपलब्धियों को याद करते हुए उनके शिक्षा, साहित्य और समाजसेवा में दिए गए योगदान को मार्मिक शब्दों में प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों की भावनाओं में उनके प्रति गहरा सम्मान और कृतज्ञता झलकती रही।

इस अवसर पर पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता तथा मानगो नगर निगम की मेयर सुधा गुप्ता भी उपस्थित रहीं। दोनों ने स्वर्गीय डॉ. शर्मा को सच्चा राष्ट्रनिर्माता बताते हुए उनके योगदान को याद किया।

विद्यालय के विद्यार्थियों ने दो मिनट का मौन रखकर तथा पुष्प अर्पित कर अपने दिवंगत गुरु को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान पूरे परिसर में श्रद्धा और संवेदना का माहौल बना रहा।

विद्यार्थियों ने भावुक स्वर में कहा कि उनके गुरु भले ही शारीरिक रूप से उनके बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार, संस्कार और आदर्श हमेशा उनके साथ रहेंगे।

डॉ. ब्रह्मदत्त शर्मा का जीवन अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्टता की मिसाल रहा। उनका जाना एक युग का अंत जरूर है, लेकिन उनके विचार और शिक्षाएं आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करती रहेंगी।

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