Jamshedpur : विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल के निर्देशानुसार करणडीह स्थित लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल कॉलेज में पीसीपीएनडीटी के तहत “सेव द गर्ल चाइल्ड” विषय पर एक जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में गिरते लिंगानुपात को नियंत्रित करना, कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाना और लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना था। कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के प्रिंसिपल अशोक कुमार झा द्वारा अतिथियों के स्वागत के साथ हुई। उन्होंने बताया कि प्रसव पूर्व लिंग जांच करना कानूनन अपराध है, जिसमें जेल या जुर्माना अथवा दोनों सजा का प्रावधान है।
जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ. रंजीत कुमार पांडा ने पीसीपीएनडीटी अधिनियम की जानकारी देते हुए कहा कि यह कानून कन्या भ्रूण हत्या रोकने और लिंगानुपात सुधारने के लिए बनाया गया है, जिसके तहत प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण पूरी तरह प्रतिबंधित है।
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. कमलेश कुमार प्रसाद ने बताया कि अल्ट्रासाउंड या किसी भी तकनीक से गर्भ में लिंग जांच करना अवैध है और सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों को “फॉर्म-F” जमा करना अनिवार्य है।
इस दौरान एचपीवी वैक्सीन पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। डॉ. रंजीत कुमार पांडा ने बताया कि यह वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से बचाव का प्रभावी माध्यम है और बेटियों के स्वास्थ्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
डीईआईसी सोशल वर्कर नमृता ठाकुर ने कहा कि एचपीवी वैक्सीन सुरक्षित है और इसके साइड इफेक्ट्स हल्के व अस्थायी होते हैं। उन्होंने टीकाकरण के बाद 20-30 मिनट आराम करने और भारी व्यायाम से बचने की सलाह दी। साथ ही बताया कि यह वैक्सीन 90 प्रतिशत से अधिक सर्वाइकल कैंसर के मामलों को रोकने में प्रभावी है।
इस जागरूकता अभियान को सफल बनाने में कॉलेज प्रशासन, डीपीएम कोऑर्डिनेटर छविधर कुमार, नमृता ठाकुर एवं अन्य कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।








