खड़ी हाइवा बनी ‘मौत का जाल’, एक रात में दो हादसे; ग्रामीणों का एनएच-220 जाम

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Adityapur : जिले के राजनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत रघुनाथपुर में प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है, जहां सड़क किनारे खराब खड़ी हाइवा वाहन ने एक ही रात में दो अलग-अलग सड़क हादसों को जन्म दे दिया। दोनों घटनाओं में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज टाटा मेन अस्पताल में चल रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार रात करीब 8 बजे पहली घटना हुई, जब एक बाइक सवार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़ी हाइवा से जा टकराया और गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके ठीक दो घंटे बाद, रात करीब 10 बजे उसी स्थान पर एक और बाइक सवार हाइवा के पीछे जा भिड़ा, जिससे वह भी बुरी तरह जख्मी हो गया। लगातार दो हादसों से इलाके में भय और आक्रोश का माहौल बन गया।

घटनाओं से आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन की लापरवाही का आरोप लगाते हुए रात 12 बजे से हाता-चाईबासा मुख्य मार्ग (एनएच-220) को जाम कर दिया। यह जाम मंगलवार सुबह 10 बजे तक जारी रहा, जिससे करीब 20 किलोमीटर लंबा जाम लग गया और यातायात पूरी तरह ठप हो गया।

ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क पर खराब पड़े भारी वाहनों को हटाने या सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाते, जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। साथ ही राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल व्यवस्था को लेकर भी लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि प्राथमिक उपचार की भी समुचित सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण घायलों को सीधे जमशेदपुर रेफर करना पड़ता है।

सूचना मिलते ही थाना प्रभारी विपुल कुमार ओझा मौके पर पहुंचे और जाम हटाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों का आक्रोश शांत नहीं हुआ। बाद में बीडीओ और सीओ भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता कर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।

ग्रामीणों ने हाइवा मालिक से घायलों के इलाज का पूरा खर्च वहन करने और किसी भी अप्रिय स्थिति में पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। प्रशासन और ट्रांसपोर्टर के बीच वार्ता जारी है।

फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और खबर लिखे जाने तक सड़क जाम जारी रहा। यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

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