Chaibasa : गुवा स्थित Steel Authority of India Limited (सेल) प्रबंधन और संयुक्त यूनियनों के बीच चल रहा विवाद आखिरकार सुलझ गया। बुधवार को प्रस्तावित चक्का जाम आंदोलन से पूर्व ही प्रबंधन ने ठेका मजदूरों की विभिन्न मांगों को स्वीकार करते हुए सहमति जता दी, जिससे आंदोलन टल गया।
ज्ञात हो कि Jharkhand Mazdoor Sangharsh Sangh, Bokaro Steel Workers Union (इंटक) एवं Jharkhand Mazdoor Morcha Union ने ठेका मजदूरों की समस्याओं को लेकर चक्का जाम की घोषणा की थी। मजदूरों की प्रमुख मांगों में स्वास्थ्य सुविधाओं की बहाली, बकाया भुगतान और रोजगार से जुड़ी समस्याएं शामिल थीं।
प्रबंधन के निर्णय के अनुसार, कोलकाता स्थित रूबी अस्पताल में ठेका मजदूरों के लिए गेस्ट हाउस एवं उपचार की सुविधा, जिसे पूर्व में बंद कर दिया गया था, उसे पुनः प्रारंभ किया जाएगा। साथ ही पिछले पांच वर्षों से लंबित रिटेंशन (रिचमेंट) बेनिफिट का भुगतान भी मजदूरों को किया जाएगा।
झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे ने कहा कि खदान क्षेत्रों में बढ़ते मशीनीकरण के कारण स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर घट रहे हैं। उन्होंने मांग की कि आधा कार्य हैंड माइनिंग के माध्यम से कराया जाए, ताकि अधिक से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके।
इस मौके पर यूनियन के नेता विश्वजीत तांती, पंचम जॉर्ज सोय सहित बड़ी संख्या में ठेका मजदूर एवं सेल कर्मी उपस्थित रहे। यूनियनों ने प्रबंधन के निर्णय का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि भविष्य में भी मजदूरों की समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से किया जाएगा।









