दामोदर नदी की धारा मोड़कर भारी मशीनों से उत्खनन, पेयजल परियोजना ठप, ग्रामीणों का जोरदार प्रदर्शन

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Dhanbaad : जिले के बारनी घाट में अवैध खनन का बड़ा मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। आरोप है कि बारनी घाट पर दामोदर नदी की धारा को कृत्रिम रूप से मोड़कर भारी मशीनों के जरिए बड़े पैमाने पर बालू और खनिज का उत्खनन किया जा रहा है। इस कार्रवाई से न केवल नदी की प्राकृतिक संरचना प्रभावित हुई है, बल्कि ग्रामीण पेयजल परियोजना भी ठप पड़ गई है।

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, रात के अंधेरे में पोकलेन और जेसीबी जैसी मशीनों से नदी के किनारे अस्थायी रास्ता बनाकर जलधारा को दूसरी ओर मोड़ा गया, ताकि सूखी सतह से खनन आसान हो सके। ग्रामीणों का आरोप है कि इस अवैध उत्खनन के कारण नदी का जलस्तर तेजी से नीचे चला गया है, जिससे जलापूर्ति के लिए बनाए गए इनटेक वेल तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है।

पेयजल संकट गहराया

नदी के जलस्तर में आई गिरावट के कारण आसपास के कई गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है। ग्रामीण पेयजल योजना के प्रभावित होने से लोगों में भारी आक्रोश है। महिलाओं और बुजुर्गों ने भी बारनी घाट पर एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने अवैध खनन पर तत्काल रोक, दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई तथा पेयजल आपूर्ति शीघ्र बहाल करने की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो वे जिला मुख्यालय पर व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

पर्यावरणीय संकट की आशंका

पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि नदी की धारा में कृत्रिम बदलाव और अंधाधुंध खनन से दीर्घकालीन पर्यावरणीय संकट उत्पन्न हो सकता है। इससे नदी के पारिस्थितिकी तंत्र, भूजल स्तर और आसपास की कृषि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।

उधर, प्रशासन ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। हालांकि, बारनी घाट की मौजूदा स्थिति एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि अवैध खनन पर प्रभावी निगरानी और सख्त कार्रवाई कब सुनिश्चित की जाएगी।

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