चाईबासा सदर प्रखंड के ग्रामीण अब भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित, समाजसेवियों ने किया वास्तविकता का निरीक्षण

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Chaibasa  : सदर प्रखंड के पंडावीर पंचायत अंतर्गत कुरजूली, रोवऊली और बड़ा बकाऊ गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। क्षेत्र की जमीनी हकीकत जानने के लिए समाजसेवी रमेश बालमुचू एवं अधिवक्ता महेंद्र जामुदा ने हाल ही में पंचायत का भ्रमण किया। निरीक्षण के दौरान कई अधूरी विकास योजनाओं और सरकारी उपेक्षा की तस्वीर सामने आई।

भ्रमण के दौरान पाया गया कि कुरजूली का स्वास्थ्य उपकेंद्र भवन वर्षों से बंद पड़ा है, जिसके परिसर में अब झाड़ियाँ उग आई हैं। वहीं डीएमएफटी फंड से निर्मित मुख्यमंत्री जल नल योजना का जलमीनार मरम्मत के अभाव में पूरी तरह अनुपयोगी हो गया है, जिससे ग्रामीण स्वच्छ पेयजल से वंचित हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि एक परिवार सरकारी चापाकल में मोटर लगाकर सोलर प्लेट का निजी उपयोग कर रहा है, जबकि मैया सम्मान योजना का लाभ किसी भी महिला तक नहीं पहुँचा है।

बिजली और सड़क की बदहाली ग्रामीणों की एक और बड़ी समस्या है। हाल ही में इसी गांव की एक गर्भवती महिला को खटिया में उठाकर स्वास्थ्य केंद्र तक ले जाना पड़ा था। वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन का लाभ भी केवल चार से पाँच लोगों तक सीमित है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुकों को भी भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है, क्योंकि खराब सड़कों के कारण निर्माण सामग्री (गिट्टी, बालू, सीमेंट) गांव तक नहीं पहुँच पा रही है।

शिक्षा व्यवस्था भी चिंताजनक है — गांव का उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय अधूरा और जर्जर है, जहाँ केवल दो पारा शिक्षक 38 बच्चों को किसी तरह पढ़ा रहे हैं। विद्यालय भवन की स्थिति किसी भी समय हादसे को न्योता दे सकती है।

इन तमाम समस्याओं पर चर्चा के लिए बड़ा बकाऊ गांव में ग्रामीणों की एक बैठक आयोजित की गई, जहाँ सभी ने एक स्वर में सवाल उठाया — “हमारी समस्याओं का समाधान आखिर कब होगा?”

वर्तमान मुखिया मोटाए बोयपाई और पूर्व मुखिया चंद्र मोहन बोयपाई ने आश्वासन दिया कि वे सामूहिक रूप से उपायुक्त को ज्ञापन सौंपेंगे और शीघ्र कार्रवाई की मांग करेंगे।

मौके पर ग्रामीण मुण्डा बुढ़ाय सिंह सवैया, मुण्डा जितरा सवैया, मुण्डा जितराय सवैया, डाकुवा विरगां सिंह कुन्टिया, डाकुवा मोटाए कुंकल, अर्जुन बोयपाई सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।

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