आदित्यपुर स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव और जल संकट पर जनकल्याण मोर्चा ने उठाए सवाल, 12 जुलाई को सांकेतिक धरने की चेतावनी

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आदित्यपुर, जमशेदपुर:
जनकल्याण मोर्चा ने आदित्यपुर रेलवे स्टेशन के सौंदर्यकरण और ट्रेनों के ठहराव को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। रविवार को आदित्यपुर-2 स्थित कार्यालय में हुई बैठक में मोर्चा ने टाटानगर से खुलने वाली सभी यात्री ट्रेनों का ठहराव आदित्यपुर स्टेशन पर सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।

बैठक की अध्यक्षता मोर्चा के अध्यक्ष सह अधिवक्ता ओमप्रकाश ने की। उन्होंने कहा कि आदित्यपुर स्टेशन का विस्तार तो हो गया है, लेकिन यात्री सुविधाओं में कोई खास सुधार नहीं हुआ है। विशेष रूप से ट्रेनों के ठहराव की व्यवस्था अब तक नहीं हो पाई है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी असुविधा हो रही है।



मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि एक महीने के भीतर आदित्यपुर रेलवे स्टेशन पर सभी एक्सप्रेस और लोकल ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित नहीं किया गया, तो 12 जुलाई 2025 को स्टेशन जाने वाली नई सड़क के पास शांति पूर्ण तरीके से एक दिवसीय सांकेतिक धरना आयोजित किया जाएगा। हालांकि, यह धरना बिना यातायात बाधित किए होगा।

पेयजल योजना में देरी पर जताई नाराजगी

बैठक में आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र की वर्षों पुरानी पेयजल आपूर्ति योजना की धीमी प्रगति पर भी गहरी नाराजगी जाहिर की गई। मोर्चा के अनुसार, यह योजना 3 दिसंबर 2021 तक पूरी हो जानी चाहिए थी, लेकिन अब तक इसमें कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। यह देरी आम जनता के साथ अन्याय है।

सरकार से विशेष मांग

जनकल्याण मोर्चा ने झारखंड सरकार से यह भी मांग की है कि सरायकेला-खरसावां जिले में पानी पर आधारित किसी भी नए उद्योग को लाइसेंस न दिया जाए। मोर्चा ने कहा कि जल, जंगल और जमीन पर पहला हक आम जनता का है और क्षेत्र में पहले से ही पेयजल संकट बना हुआ है। ऐसे में नए जल-आधारित उद्योगों से स्थिति और खराब हो सकती है।

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