हूल दिवस को लेकर रानीडीह कोकेटोला में तैयारी बैठक सम्पन्न
30 जून को पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ होगा आयोजन, संथाल-माझी बाबाओं का होगा सम्मान

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रानीडीह, जमशेदपुर। ग्राम रानीडीह कोकेटोला पंचायत भवन परिसर में आगामी 30 जून को मनाए जाने वाले हूल दिवस के आयोजन को लेकर एक तैयारी बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता समाजसेवी सुनिल किस्कू ने की, जिसमें कार्यक्रम की रूपरेखा तय की गई और आयोजन की तैयारी पर चर्चा की गई।

???? क्या हुआ तय?

बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि—

कार्यक्रम की शुरुआत पूजा-अर्चना से होगी।

हो, संथाल और माझी समाज के वरिष्ठ बाबाओं को सम्मानित किया जाएगा।

पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन धूमधाम से होगा।


सुनिल किस्कू ने कहा, “हूल दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और बलिदान की कहानी है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है।”

???? बैठक में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे:

बहादुर किस्कू (झामुमो नेता)

कारू हांसदा

ठकरा टुडू

सिंगराय हांसदा

अनिल पात्रों

दुखू टुडू

सूरज दास

होपोन हांसदा

डेविड दास

सूरज गोप

दामु बारी

केडी टुडू


आयोजकों ने ग्रामीणों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की और इसे सामाजिक एकता और सांस्कृतिक जागरूकता का प्रतीक बताया।




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हूल दिवस रानीडीह 2025, झारखंड हूल दिवस आयोजन, आदिवासी सांस्कृतिक कार्यक्रम, संथाल विद्रोह स्मृति समारोह, सुनिल किस्कू समाजसेवी

???? Meta Description (English):
Preparations for Hul Diwas 2025 are underway in Ranidih Koketola, Jamshedpur. A community meeting led by Sunil Kisku outlined rituals, tribal honors, and cultural events to be held on June 30.

रानीडीह, जमशेदपुर। ग्राम रानीडीह कोकेटोला पंचायत भवन परिसर में आगामी 30 जून को मनाए जाने वाले हूल दिवस के आयोजन को लेकर एक तैयारी बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता समाजसेवी सुनिल किस्कू ने की, जिसमें कार्यक्रम की रूपरेखा तय की गई और आयोजन की तैयारी पर चर्चा की गई।

???? क्या हुआ तय?

बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि—

कार्यक्रम की शुरुआत पूजा-अर्चना से होगी।

हो, संथाल और माझी समाज के वरिष्ठ बाबाओं को सम्मानित किया जाएगा।

पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन धूमधाम से होगा।


सुनिल किस्कू ने कहा, “हूल दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और बलिदान की कहानी है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है।”

???? बैठक में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे:

बहादुर किस्कू (झामुमो नेता)

कारू हांसदा

ठकरा टुडू

सिंगराय हांसदा

अनिल पात्रों

दुखू टुडू

सूरज दास

होपोन हांसदा

डेविड दास

सूरज गोप

दामु बारी

केडी टुडू


आयोजकों ने ग्रामीणों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में भाग लेने की अपील की और इसे सामाजिक एकता और सांस्कृतिक जागरूकता का प्रतीक बताया।

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