जमशेदपुर। एमजीएम अस्पताल हादसे के बाद झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी द्वारा भाजपा विधायक पूर्णिमा साहू पर की गई अमर्यादित टिप्पणी ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। मंत्री अंसारी ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि जब विधायक पूर्णिमा साहू अस्पताल पहुंचीं, तो उनके चेहरे पर केक लगा था। इस टिप्पणी को लेकर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष सुधांशु ओझा ने मंत्री के बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह न केवल महिला जनप्रतिनिधि का अपमान है, बल्कि अस्पताल हादसे में जान गंवाने वाले पीड़ितों और उनके परिजनों की पीड़ा का भी उपहास है। उन्होंने मंत्री के बयान को असंवेदनशील, महिला विरोधी और गैर-जिम्मेदाराना करार दिया।
सुधांशु ओझा ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब मंत्री इरफान अंसारी ने महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया है। उन्होंने पूछा कि जब मंत्री की सोच इतनी हल्की है, तो वे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को कैसे बेहतर बना सकते हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि एमजीएम अस्पताल की अधूरी इमारत का उद्घाटन कर हेमंत सरकार ने महज दिखावा किया, जबकि अस्पताल आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है।
भाजपा नेता ने यह भी सवाल उठाया कि इरफान अंसारी ने अपने कार्यकाल में स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के लिए क्या ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई योजनाओं और संस्थानों को आगे बढ़ाने के बजाय वर्तमान सरकार ने स्वास्थ्य ढांचे को नजरअंदाज किया।
जिलाध्यक्ष ओझा ने मांग की कि मंत्री इरफान अंसारी अपनी टिप्पणी पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। साथ ही, जर्जर घोषित एमजीएम अस्पताल भवन में इलाज जारी रखने वाले अधिकारियों की भूमिका की जांच हो और पूरे हादसे की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
स्वास्थ्य मंत्री की अमर्यादित टिप्पणी पर भाजपा का प्रहार, सुधांशु ओझा बोले – महिला विधायक का अपमान, मंत्री दें माफी
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जमशेदपुर। एमजीएम अस्पताल हादसे के बाद झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी द्वारा भाजपा विधायक पूर्णिमा साहू पर की गई अमर्यादित टिप्पणी ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। मंत्री अंसारी ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि जब विधायक पूर्णिमा साहू अस्पताल पहुंचीं, तो उनके चेहरे पर केक लगा था। इस टिप्पणी को लेकर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
भाजपा जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष सुधांशु ओझा ने मंत्री के बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह न केवल महिला जनप्रतिनिधि का अपमान है, बल्कि अस्पताल हादसे में जान गंवाने वाले पीड़ितों और उनके परिजनों की पीड़ा का भी उपहास है। उन्होंने मंत्री के बयान को असंवेदनशील, महिला विरोधी और गैर-जिम्मेदाराना करार दिया।
सुधांशु ओझा ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब मंत्री इरफान अंसारी ने महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया है। उन्होंने पूछा कि जब मंत्री की सोच इतनी हल्की है, तो वे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को कैसे बेहतर बना सकते हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि एमजीएम अस्पताल की अधूरी इमारत का उद्घाटन कर हेमंत सरकार ने महज दिखावा किया, जबकि अस्पताल आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है।
भाजपा नेता ने यह भी सवाल उठाया कि इरफान अंसारी ने अपने कार्यकाल में स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के लिए क्या ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई योजनाओं और संस्थानों को आगे बढ़ाने के बजाय वर्तमान सरकार ने स्वास्थ्य ढांचे को नजरअंदाज किया।
जिलाध्यक्ष ओझा ने मांग की कि मंत्री इरफान अंसारी अपनी टिप्पणी पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। साथ ही, जर्जर घोषित एमजीएम अस्पताल भवन में इलाज जारी रखने वाले अधिकारियों की भूमिका की जांच हो और पूरे हादसे की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
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